तमिलनाडु में निजी डेयरियों ने 26 सितंबर से दूध और दही की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इसी बीच Tamil Nadu Milk Agents Workers Welfare Association ने राज्य सरकार से Aavin के खुदरा दूध की कीमतों की समीक्षा करने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि निजी ब्रांडों के महंगे होने से Aavin के दूध की मांग बढ़ सकती है और इससे पहले से दबाव में चल रही आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ सकता है।
DT Next की 25 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक, निजी डेयरियों ने दूध के दाम में अधिकतम 4 रुपये प्रति लीटर और दही के दाम में 2 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी की है। 500 मिलीलीटर toned milk की कीमत 31 रुपये से बढ़कर 32 रुपये, standardised milk की 35 से 37 रुपये और full-cream milk की 40 से 42 रुपये हुई है। एक लीटर पैक के लिए toned, standardised और full-cream milk की कीमत क्रमशः 61, 70 और 81 रुपये बताई गई है।
दही की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। 500 ग्राम toned curd की कीमत 41 से बढ़कर 42 रुपये और double-toned curd की कीमत 36 से बढ़कर 37 रुपये हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, Arokya पहले ही 21 सितंबर से दूध में 4 रुपये प्रति लीटर और दही में 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर चुकी थी।
इस बीच तमिलनाडु सरकार ने Aavin के लिए दूध की खरीद कीमत में बढ़ोतरी की है। 1 सितंबर से गाय के दूध की खरीद कीमत 38 रुपये से बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध की खरीद कीमत 47 रुपये से बढ़ाकर 53 रुपये प्रति लीटर की गई है। इसके बावजूद Aavin के खुदरा दूध के दाम में बदलाव नहीं किया गया है।
सरकारी आदेश के अनुसार, गाय के दूध के लिए 44 रुपये की खरीद कीमत में 36 रुपये का बेस रेट और 8 रुपये का इंसेंटिव शामिल है। राज्य सरकार इस इंसेंटिव के लिए Aavin को सालाना 600 करोड़ रुपये देगी, जबकि जिला दूध उत्पादक यूनियन 120 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन करेंगी।
Tamil Nadu Milk Agents Workers Welfare Association के संस्थापक और राज्य अध्यक्ष एसए पोन्नुसामी ने Aavin के खुदरा दाम की समीक्षा की मांग की है। IANS की 26 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, एसोसिएशन ने दूध की खरीद, वितरण और खुदरा कीमतों की निगरानी के लिए Dairy Development Department की भूमिका मजबूत करने की भी मांग की है।
एसोसिएशन ने दावा किया है कि Aavin के खरीद खर्च बढ़ने के बावजूद खुदरा कीमत नहीं बढ़ाए जाने से उसे प्रति लीटर 15 रुपये से अधिक का औसत नुकसान हो रहा है। यह एसोसिएशन का दावा है, जिसका स्वतंत्र सरकारी आंकड़ों से अलग से सत्यापन उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।
निजी डेयरियों की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद Aavin और निजी ब्रांडों के बीच दूध की खुदरा कीमत का अंतर और बढ़ गया है। DT Next के अनुसार, अलग-अलग दूध वैरिएंट में यह अंतर 14 से 30 रुपये प्रति लीटर तक बताया गया है।