तमिलनाडु में बदलने लगा सियासी समीकरण? PMK की TVK से बढ़ी नजदीकी, BJP के लिए बढ़ी चुनौती

तमिलनाडु की राजनीति में पट्टाली मक्कल कच्ची (PMK) और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के बीच संभावित राजनीतिक समझौते को लेकर चर्चाएं तेज हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब PMK ने मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को समर्थन नहीं देने का फैसला किया है। PMK का यह रुख उसके मौजूदा AIADMK-BJP गठबंधन संबंधों और TVK के साथ संभावित नजदीकी को लेकर अटकलों का आधार बना है।

हालांकि, PMK की ओर से TVK में औपचारिक रूप से शामिल होने या सरकार में शामिल होने की कोई घोषणा नहीं हुई है। उलटे, PMK विधायक और विधानसभा में पार्टी की फ्लोर लीडर सौम्या अंबुमणि ने मंत्रिमंडल में शामिल होने से जुड़ी खबरों को अफवाह बताया है और ऐसी सूचनाओं को महत्व नहीं देने की अपील की है।

उपचुनाव के बीच PMK के रुख पर नजर

मदुरांतकम और धारापुरम में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। PMK ने इन दोनों सीटों पर किसी भी दल को समर्थन देने से दूरी बनाई है। खास तौर पर मदुरांतकम में पार्टी का रुख चर्चा में है, क्योंकि यह क्षेत्र PMK के वन्नियार सामाजिक आधार से जुड़ा माना जाता है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, TVK और PMK के बीच राजनीतिक संपर्क मुख्य रूप से PMK नेता अनबुमणि रामदास और विजय के राजनीतिक सलाहकार जॉन अरोकीआसामी के बीच बातचीत के जरिए आगे बढ़ रहा है। दोनों के बीच राजनीतिक संपर्क पहले का है। 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी अरोकीआसामी ने PMK की राजनीतिक रणनीति पर काम किया था। उस समय अनबुमणि रामदास को PMK के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया गया था।

मंत्रिमंडल में जगह की चर्चा, लेकिन औपचारिक पुष्टि नहीं

रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि TVK और PMK के बीच संभावित समझौते के तहत PMK के नेताओं को सरकार में जगह देने पर बातचीत हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में सौम्या अंबुमणि के साथ PMK विधायक ए. गणेश कुमार के नाम का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन चर्चाओं की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सौम्या अंबुमणि ने खुद इन अटकलों को खारिज किया है। 30 सितंबर को उन्होंने उन खबरों को अफवाह बताया जिनमें उनके TVK सरकार में मंत्री बनने या पार्टी बदलने की बात कही जा रही थी। इसलिए फिलहाल मंत्रिमंडल में PMK की संभावित हिस्सेदारी को एक रिपोर्टेड राजनीतिक संभावना के तौर पर ही देखा जा सकता है, न कि तय फैसला।

सौम्या अंबुमणि के चुनावी प्रदर्शन ने भी खींचा ध्यान

सौम्या अंबुमणि ने 2026 के विधानसभा चुनाव में धर्मपुरी सीट से जीत दर्ज की थी। संदर्भित रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 93,713 वोट मिले और उन्होंने TVK उम्मीदवार को 20,896 वोटों के अंतर से हराया। विधानसभा में PMK की फ्लोर लीडर होने के कारण उनका नाम संभावित राजनीतिक समझौते से जुड़ी चर्चाओं में प्रमुखता से सामने आया है।

TVK के लिए संख्या का सवाल क्यों महत्वपूर्ण है?

2026 के विधानसभा चुनाव में TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतीं। बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत थी। इसके बाद पार्टी ने अन्य दलों के समर्थन से सरकार बनाई। कांग्रेस, VCK और IUML सरकार में शामिल हुए, जबकि CPI और CPI(M) ने बाहर से समर्थन दिया और बाद में स्पष्ट किया कि वे TVK गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।

उपचुनावों से विधानसभा में TVK की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन सभी सात रिक्त सीटें जीतने की स्थिति में भी पार्टी की संख्या 115 तक पहुंचने की बात रिपोर्टों में कही गई है, यानी बहुमत के 118 के आंकड़े से तीन सीट कम। यही वजह है कि अतिरिक्त राजनीतिक समर्थन को लेकर होने वाली बातचीत पर नजर बनी हुई है।
PMK का सामाजिक आधार बातचीत में अहम मुद्दा

TVK के साथ संभावित समझौते की चर्चा में PMK के वन्नियार समुदाय के बीच राजनीतिक आधार को भी एक महत्वपूर्ण पहलू के रूप में बताया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, PMK का प्रभाव तमिलनाडु के उत्तरी हिस्सों के कई क्षेत्रों में रहा है। इसी आधार को देखते हुए TVK के साथ संभावित राजनीतिक समझौते को लेकर चर्चा हो रही है।

हालांकि, PMK को TVK के साथ जोड़ने से मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। TVK के गठबंधन में VCK भी शामिल है, जबकि PMK और VCK के बीच तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक आधार रहे हैं। इसी तरह वाम दलों की स्थिति भी इस संभावित समीकरण में महत्वपूर्ण हो सकती है। CPI और CPI(M) पहले ही आगामी उपचुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की बात कह चुके हैं।

सबसे अहम मुद्दा BJP के साथ PMK का संबंध

PMK के लिए TVK के साथ किसी औपचारिक राजनीतिक समझौते का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उसके मौजूदा AIADMK-BJP गठबंधन से जुड़ा है। 2026 का विधानसभा चुनाव PMK ने AIADMK-BJP गठबंधन के साथ लड़ा था। ऐसे में TVK के साथ औपचारिक राजनीतिक तालमेल की स्थिति में पार्टी के मौजूदा गठबंधन संबंधों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, PMK के TVK के साथ संभावित कदम को लेकर BJP की स्थिति और संकेत भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ PMK के उपचुनाव में तटस्थ रहने और TVK के साथ बातचीत की रिपोर्टें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर सौम्या अंबुमणि ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाओं को अफवाह बताया है। ऐसे में PMK का TVK सरकार को औपचारिक समर्थन मिलेगा या दोनों दलों के बीच कोई व्यापक राजनीतिक समझौता होगा, इस पर अंतिम स्थिति आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।