तमिलनाडु में परंदूर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन के बीच राजनीतिक टकराव सामने आया है। मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को विधानसभा में परियोजना को रद्द करने की घोषणा की, जिसके बाद स्टालिन ने इस फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रोजेक्ट को रोकने से राज्य के विकास की गति प्रभावित हो सकती है।
एमके स्टालिन ने कहा कि परंदूर एयरपोर्ट को लेकर लिया गया फैसला तमिलनाडु को विकास के मामले में कई साल पीछे ले जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए राज्य के हितों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, परियोजना का रद्द होना तमिलनाडु के युवाओं के रोजगार से जुड़े अवसरों के लिए भी झटका है।
स्टालिन ने फैसले पर उठाए सवालडीएमके प्रमुख ने कहा कि तमिलनाडु इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में देश में अग्रणी है। ऐसे में राजधानी चेन्नई में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट की जरूरत को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
स्टालिन के अनुसार, परंदूर को एयरपोर्ट के लिए चुनने से पहले उपलब्ध विकल्पों पर विचार किया गया था और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के सत्ता में लौटने की स्थिति में परियोजना का निर्माण तेजी से शुरू करने की योजना थी।
‘नई जगह से शुरू हुआ तो विकास की रफ्तार धीमी होगी’स्टालिन ने आशंका जताई कि यदि नई सरकार एयरपोर्ट परियोजना को किसी दूसरी जगह ले जाकर फिर से शुरू करती है तो पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ेगी और इससे तमिलनाडु के विकास की गति धीमी हो सकती है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि द्रविड़ शैली की सरकार के दौरान तमिलनाडु निवेशकों की पहली पसंद बना था। स्टालिन ने कहा कि परंदूर परियोजना को रोकने का फैसला राज्य के आर्थिक हितों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
सीएम विजय ने क्यों रद्द की परियोजना?मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में परियोजना को रद्द करने का ऐलान करते हुए चेन्नई के मौजूदा मीनमबक्कम एयरपोर्ट की क्षमता का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मौजूदा एयरपोर्ट सालाना करीब 3 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है, लेकिन चेन्नई की बढ़ती जरूरतों, औद्योगिक विस्तार और कार्गो परिवहन को देखते हुए नए एयरपोर्ट की जरूरत है।
हालांकि, विजय ने कहा कि नया एयरपोर्ट ऐसी जगह विकसित किया जाएगा, जहां कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों पर कम से कम असर पड़े।
इस फैसले के बाद परंदूर एयरपोर्ट परियोजना तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का विषय बन गई है। जहां मुख्यमंत्री विजय ने परियोजना के लिए नई जगह पर कम प्रभाव वाले विकल्प की बात कही है, वहीं स्टालिन ने मौजूदा परियोजना को रोकने के फैसले को राज्य के विकास के लिए नुकसानदायक बताया है।