राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने रायपुर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें राजस्थान विधानसभा के 75वें वर्ष के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित होने वाले देशभर की महिला विधायकों के सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। देवनानी ने राष्ट्रपति से सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने का आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को राजस्थान विधानसभा के प्रतीक चिह्न (लोगो) की प्रतिकृति भी भेंट की।
देवनानी ने राष्ट्रपति को बताया कि राजस्थान विधानसभा अपने 75वें वर्ष के अमृत महोत्सव के माध्यम से संसदीय लोकतंत्र की समृद्ध विरासत, विधायी परंपराओं और सदन की उपलब्धियों को रेखांकित कर रही है। महिला विधायकों का सम्मेलन इसी समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भूमिका, सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने के साथ लोकतांत्रिक शासन में उनके योगदान पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराना है।
महिला विधायकों के सम्मेलन में शामिल होने का आग्रहराष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी कार्ययोजना से प्रेरणा लेते हुए राजस्थान विधानसभा ने देशभर की महिला विधायकों का सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम में विधायी संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, नेतृत्व और नीति निर्माण में उनकी भूमिका जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा सकेगा।
देवनानी ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वह सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हों। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की उपस्थिति से देशभर से आने वाली महिला विधायकों का मनोबल, उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा। उनके अनुसार, राष्ट्रपति का मार्गदर्शन विधानसभा को संवैधानिक आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और मजबूत करने की प्रेरणा देगा।
देवनानी ने यह भी कहा कि सम्मेलन राष्ट्रीय उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर सार्थक कार्यों में बदलने में उपयोगी साबित हो सकता है। महिलाओं की विधायी भूमिका और अनुभवों पर चर्चा के जरिए यह आयोजन लोकतांत्रिक शासन में उनके योगदान को समझने तथा आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।
75वें वर्ष के समारोह में पहले भी आयोजित हुआ ऐतिहासिक कार्यक्रमविधानसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को अमृत महोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि 15 जुलाई 2026 को राजस्थान विधानसभा में पहली बार पूर्व और वर्तमान सदस्यों का ‘विधायी गौरव यात्रा समागम’ आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम विधानसभा की 75 वर्ष की यात्रा, संसदीय परंपराओं और विधायी योगदान को याद करने के उद्देश्य से आयोजित हुआ।
इस समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भाग लिया तथा उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया। देवनानी ने राष्ट्रपति को बताया कि इस पहल को व्यापक सराहना मिली। अमृत महोत्सव के तहत आयोजित यह समागम राजस्थान विधानसभा के इतिहास में एक विशेष आयोजन रहा।
राष्ट्रपति मुर्मु के 2023 के संबोधन को भी किया यादवासुदेव देवनानी ने राष्ट्रपति के साथ राजस्थान विधानसभा की 75 वर्षों की यात्रा और पिछले दो वर्षों में सदन में किए गए नवाचारों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि राजस्थान विधानसभा के नए भवन का उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति आर. वेंकटरमन ने किया था। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी राजस्थान विधानसभा को संबोधित कर चुके हैं।
देवनानी ने राष्ट्रपति को याद दिलाया कि द्रौपदी मुर्मु ने 14 जुलाई 2023 को राजस्थान विधानसभा को संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि उस समय राष्ट्रपति द्वारा दिया गया प्रेरणादायक भाषण विधानसभा की सामूहिक स्मृति में गहराई से अंकित है और उनके संदेश सदन को निरंतर प्रेरणा देते हैं।
विधानसभा का नया लोगो भी जारी किया गयामुलाकात के दौरान देवनानी ने राजस्थान विधानसभा के प्रतीक चिह्न की विशेषताओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विधानसभा के गठन के बाद पहली बार सदन के सभी द्वारों के नाम रखे गए हैं और विधानसभा का अपना प्रतीक चिह्न भी जारी किया गया है। इस लोगो में अशोक चिह्न, राष्ट्रीय ध्वज, राजस्थान विधानसभा का भव्य भवन, राज्य पशु ऊंट, राज्य पक्षी गोडावण और राज्य वृक्ष खेजड़ी को शामिल किया गया है। इसके साथ संस्कृत का ध्येय वाक्य ‘राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका’ और धान की बाली का प्रतीक भी मौजूद है। देवनानी ने राष्ट्रपति को इसी लोगो की प्रतिकृति भेंट की।