राजस्थान में बीते 48 घंटे से जारी भारी बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। गुरुवार सुबह भी कई जिलों में मूसलधार बारिश दर्ज की गई और अगले एक सप्ताह तक पूर्वी राजस्थान में इसी प्रकार की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे इलाकों में सक्रिय परिसंचरण तंत्र और मानसून की ट्रफ लाइन के कारण यह भारी बारिश हो रही है।
बीसलपुर बांध में 8 घंटे में आया 40 सेमी पानी
बीसलपुर बांध, जो त्रिवेणी नदी से जल प्राप्त करता है, उसमें मात्र 8 घंटे में 40 सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई। वर्तमान में इसका जलस्तर 313.07 RL मीटर तक पहुंच गया है, जबकि इसकी पूरी क्षमता 315.50 RL मीटर है। बुधवार को त्रिवेणी नदी 7 मीटर की ऊंचाई पर बह रही थी, जो गुरुवार सुबह घटकर 4.30 मीटर रह गई।
बस्सी में सबसे ज्यादा बारिश, कई नदियां उफान परचित्तौड़गढ़ के बस्सी में सर्वाधिक 12 इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि रायपुर (ब्यावर) में 10 इंच, हमीरगढ़ में 9 इंच और कोटा के मोड़क में 8 इंच बारिश हुई। बारिश के चलते त्रिवेणी, चंबल, बनास, कालीसिंध समेत कई नदियां उफान पर हैं और गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई बांधों में तेजी से जलभराव हुआ है जिससे 60 से ज्यादा बांधों में पानी की जबरदस्त आवक दर्ज की गई है।
सड़कें बंद, गांवों का संपर्क टूटा, मकान और दीवारें ढहींकोटा, चित्तौड़गढ़, बूंदी और झालावाड़ में भारी जलभराव के चलते गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क कट गया है। कोटा के मोड़क में मंदिरों, स्कूलों और घरों में 4 फीट तक पानी भर गया। चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा में गूंजली नदी की पुलिया डूबने से 5 पंचायतों का संपर्क टूट गया है। अजमेर में पानी के तेज बहाव से वाहन बह गए और एसबीआई परिसर की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। पाली जिले के सोजत में नदी के बीच फंसे लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया, जबकि कोटा में SDRF ने खेतों और दरगाह से 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
बांधों में जलस्तर बढ़ा, कई गेट खुले, नदी किनारे अलर्टतेज बारिश और नदियों के उफान के चलते राज्य के 120 सूखे बांधों में से 32 अब पूरी तरह भर चुके हैं। कोटा संभाग के बांध 81% भर चुके हैं। राणा प्रताप सागर और जवाहर सागर बांधों से क्रमश: 66,444 और 97,833 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कोटा बैराज के 8 गेट खोलकर 1.36 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे धौलपुर तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। झालावाड़ के भीमसागर और कालीसिंध बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं।
भारी बारिश से बने हालात चिंताजनक, राहत कार्य जारीराज्य भर में SDRF और प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश से चुनौतियां बनी हुई हैं। चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने से रियासतकालीन पुलिया डूब गई है। खेतों, सड़कों और कॉलोनियों में जलभराव से सामान्य जीवन पूरी तरह से प्रभावित है। प्रशासन ने नदी किनारे और बांधों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
आफत में बदलती मेहरबानीराजस्थान में मानसून की मेहरबानी अब आफत में बदलती जा रही है। जहां एक ओर बांधों का भराव राहत देता है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ और जलभराव से जनजीवन पूरी तरह चरमरा गया है। आगामी दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, ऐसे में राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो चुकी है।