स्मार्ट मीटर योजना बंद नहीं होगी, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का कांग्रेस पर पलटवार

जयपुर। राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही आज स्मार्ट मीटर योजना पर जमकर हंगामे की गवाह बनी। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए करीब 25 मिनट तक नारेबाजी की और सदन के वेल में पहुंचकर विरोध जताया। यह सवाल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने लगाया था, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में विधायक रोहित बोहरा ने इसे उठाया। कांग्रेस की युवा ब्रिगेड इस विरोध में सबसे आगे रही, जिसमें सबसे पहले मनीष यादव वेल में पहुंचे और बाद में अन्य विधायक भी उनके साथ आ गए।

कांग्रेस का वॉकआउट और तंज

लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच कार्यवाही प्रभावित हुई और 295 भी छूट गया। इसके बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। मनीष यादव ने कहा कि यह स्मार्ट मीटर नहीं बल्कि स्मार्ट लूट है। वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ये स्मार्ट मीटर ऐसे हैं कि बिजली आने से पहले ही करंट दे देते हैं।

ऊर्जा मंत्री का जवाब

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए सदन में दस्तावेज लहराए और कहा कि स्मार्ट मीटर योजना की शुरुआत पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने ही की थी। उन्होंने विपक्ष पर बेवजह भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस स्वयं शुरू की गई योजना पर अब राजनीति कर रही है।
योजना का उद्देश्य और आगे की राह

एनडीटीवी से बातचीत में मंत्री हीरालाल नागर ने स्पष्ट कहा कि स्मार्ट मीटर योजना बंद नहीं होगी। उनका कहना था कि योजना का मकसद राजस्थान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाना है। वर्तमान में इस योजना के तहत केवल सरकारी कार्यालयों में काम किया गया है और आगे भी इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

बिजली आपूर्ति को पारदर्शी बनाने की पहल

मंत्री नागर ने कहा कि इस योजना से बिजली की मांग और खपत की सटीक निगरानी संभव होगी और बिलिंग प्रणाली में भी पारदर्शिता आएगी। उनका कहना था कि कांग्रेस केवल बेवजह आरोप लगाकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि राज्य की बिजली व्यवस्था को और अधिक सक्षम व तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए स्मार्ट मीटर आवश्यक हैं।