सचिन पायलट ने जन्मदिन पर कहा - 'राजस्थान नशे की गिरफ्त में, युवाओं को बचाने के लिए लड़ाई जरूरी'

चित्तौड़गढ़: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने 48वें जन्मदिन पर चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश और देश की समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर पायलट ने युवाओं के बीच तेजी से फैल रही नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं का युद्ध ड्रग्स के खिलाफ नामक अभियान की शुरुआत की।

नशे से निपटने के लिए राजनीति से ऊपर उठना होगा

सचिन पायलट ने कहा कि समाज में एक गंभीर चुनौती जड़ें जमा चुकी है, जिसके खिलाफ खुलकर बोलना और कार्रवाई करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि वे जब भी प्रदेश के गांव-शहरों में जाते हैं, तो यह देखकर दुख होता है कि 14–15 साल की उम्र के बच्चे भी नशे की गिरफ्त में फंस चुके हैं। पायलट ने कहा कि आज रासायनिक नशा युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है और उनकी जवानी समय से पहले छिन रही है। इस स्थिति से निपटने के लिए जाति, धर्म और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने चेताया कि राजस्थान भी उसी राह पर बढ़ रहा है, जिस खतरे का सामना आज पंजाब कर रहा है।
युवाओं को बचाने के लिए बढ़ानी होगी जागरूकता

अपने संबोधन में पायलट ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से निकालने के लिए प्रशासन को कठोर कदम उठाने होंगे। ड्रग्स की तस्करी करने वाले और स्कूल-कॉलेज के अंदर इस जहर को फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि समाज को संसाधन लगाकर व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलानी होगी। बच्चों को स्कूल और कॉलेजों में जाकर जागरूक करना होगा। उन्होंने कहा, “अगर हम आज नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। चाहे हम कितनी भी सड़कें और पुल बना लें, अगर हमारी युवा पीढ़ी नष्ट हो गई तो सब बेकार होगा।”

बाढ़ पीड़ितों के लिए आर्थिक सहयोग

कार्यक्रम के दौरान पायलट ने मंच से बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हाल की अतिवृष्टि ने राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उन्होंने ईश्वर से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिलने की प्रार्थना की और घोषणा की कि वे अपना एक माह का वेतन तथा उनकी माता, पूर्व विधायक रमा पायलट की एक माह की पेंशन बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए देंगे।

पिता राजेश पायलट को किया याद

अपने भाषण में पायलट भावुक होकर अपने पिता, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पिता से उन्होंने मेहनत और सादगी का मूल्य सीखा। एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने जिस तरह कठिन परिश्रम के बल पर उपलब्धियां हासिल कीं, वह प्रेरणादायक है। पायलट ने कहा कि उन्हें सौभाग्य मिला कि बचपन से ही पिता एयरफोर्स में पायलट बन चुके थे और उन्होंने हमेशा शिक्षा और संस्कार को प्राथमिकता दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, ताकि वे भविष्य में देश की नीतियों को बनाने वाली जिम्मेदारियों तक पहुंच सकें।

कोई ग्रहण हमारी राह नहीं रोक सकता

मंदिर में पूजा के दौरान पायलट ने उल्लेख किया कि उसी दिन ग्रहण लगने के कारण दोपहर तक मंदिर के पट बंद होने वाले थे। इस संदर्भ में उन्होंने कहा, “यह ग्रहण सूर्य का हो या चंद्रमा का, लेकिन प्रदेश के लोगों का साथ हमारे साथ है। हम पर किसी भी तरह का ग्रहण प्रभावी नहीं हो पाएगा।”