धौलपुर ज़िले के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 25 वर्षीय छात्र प्रदीप बघेल ने मंगलवार को छीतरिया ताल में कूदकर अपनी जान दे दी। मौके से बरामद सुसाइड नोट में उसने साफ लिखा – “रीट परीक्षा का दबाव अब और सहन नहीं हो रहा। पापा-मम्मी मुझे माफ कर देना। भाई मेरी जान है और पूनम बहन को मैं प्यार नहीं दे पाया।” इस नोट ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार गडरपुरा निवासी प्रदीप बघेल पुत्र प्रभु दयाल सुबह घर से निकला था। कुछ ही देर बाद वह छीतरिया ताल पहुंचा और वहीं अपने परिजनों के नाम अंतिम संदेश लिखकर पानी में कूद गया। जब स्थानीय लोगों ने तालाब किनारे कपड़े और चप्पल देखी, तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और SDRF की कार्रवाई
कोतवाली पुलिस टीम मौके पर पहुंची और SDRF को बुलाया। लगभग दो घंटे की तलाश के बाद गोताखोरों ने प्रदीप का शव ताल से बाहर निकाला। सुसाइड नोट, चप्पल और कपड़े भी मौके से बरामद हुए। फिलहाल शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा हुआ है और पूरा इलाका शोक में डूबा है। प्रदीप की मां लक्ष्मी देवी ने रोते हुए बताया कि 2021-22 सत्र की रीट परीक्षा में उनका बेटा सफल हुआ था। उसे हनुमानगढ़ जिले में पदस्थापना भी मिल गई थी, लेकिन आरपीएससी की ओर से तकनीकी त्रुटि बताकर उसका नाम चयन सूची से हटा दिया गया। इस घटना के बाद से ही प्रदीप गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा था।
उम्मीद टूटी, हताशा ने ली जान
पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि प्रदीप लगातार दोबारा रीट की तैयारी कर रहा था, लेकिन दबाव और निराशा ने उसकी हालत बिगाड़ दी। बार-बार परीक्षा देने और चयन से वंचित रहने के बाद उसने यह कठोर कदम उठा लिया। प्रदीप के दो भाई और दो बहनें हैं। घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले और रिश्तेदारों में भी गहरी उदासी छा गई है। हर किसी के ज़हन में यही सवाल है कि क्या परीक्षा और चयन प्रक्रिया का इतना दबाव किसी युवा की जान ले सकता है?