रावतभाटा के हैवी वॉटर प्लांट में गैस रिसाव से अफरा-तफरी, चार मजदूर झुलसे, दो की हालत गंभीर

चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा स्थित हैवी वॉटर प्लांट में शनिवार को गैस रिसाव की घटना से हड़कंप मच गया। हादसे में चार मजदूर गैस की चपेट में आ गए, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना उस समय हुई जब श्रमिक प्लांट में मेंटेनेंस कार्य के लिए पहुंचे थे। अचानक गैस लीक होते ही कर्मचारियों में भगदड़ मच गई और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मेंटेनेंस कार्य के दौरान हुआ हादसा


सूत्रों के अनुसार, प्लांट के एक बंद पड़े कम्प्रेशर से अचानक गैस का रिसाव शुरू हुआ। उसी समय कुछ मजदूर रूटीन मेंटेनेंस कार्य करने जा रहे थे, तभी वे गैस की चपेट में आ गए। हादसे के बाद सुरक्षा टीम और स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

दो मजदूरों की हालत गंभीर, कोटा रेफर

गंभीर रूप से घायल मजदूरों की पहचान भैंसरोड़गढ़ निवासी धर्मेंद्र लोहार और बिहार निवासी जय कुमार के रूप में हुई है। दोनों को पहले रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा के बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

अन्य दो मजदूरों का इलाज रावतभाटा में जारी

इस हादसे में दो अन्य श्रमिक भी घायल हुए — शिवजी बैरवा (रावतभाटा निवासी) और मधुसूदन मालव (छीपाबड़ौद, बारां निवासी)। दोनों को रावतभाटा के परमाणु बिजलीघर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है।

जांच के आदेश, सुरक्षा उपायों पर सवाल

घटना के बाद प्लांट प्रबंधन ने रिसाव के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक अनुमान है कि बंद पड़े कम्प्रेशर की लाइन में अचानक दबाव बढ़ने से गैस लीक हुई। हादसे के बाद सुरक्षा उपायों और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने भी मामले की रिपोर्ट तलब की है और सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा के आदेश दिए हैं।

स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय

रावतभाटा पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। प्लांट परिसर को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है ताकि गैस का असर अन्य क्षेत्रों तक न फैले। अधिकारी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। गैस रिसाव की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में बताया और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।