राजस्थान सरकार ने ईंधन बचत और सरकारी खर्चों में मितव्ययता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने अब मंत्री और विधायकों के काफिलों में वाहनों की संख्या सीमित रखने के निर्देश जारी किए हैं। यह फैसला प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस अपील के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और अनावश्यक खर्चों से बचने की बात कही थी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के नाम पर जरूरत से ज्यादा गाड़ियों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने अपने काफिले से शुरुआत करते हुए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी निर्देश दिए हैं कि वे कम से कम वाहनों के साथ यात्रा करें। सरकार का मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि सरकारी संसाधनों का भी बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
पीएम मोदी की अपील के बाद लिया गया निर्णयदरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने गुजरात के वडोदरा में भी दोबारा यही संदेश दोहराया। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा बचत को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से संयमित उपयोग की बात कही थी।
प्रधानमंत्री की इस अपील के बाद राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर तुरंत पहल करते हुए सरकारी काफिलों में वाहनों की संख्या घटाने का निर्णय लिया। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इस तरह के कदम देखने को मिल सकते हैं।
सरकारी मितव्ययता पर जोरमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्य सचिव सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रा के दौरान केवल आवश्यक वाहनों का ही उपयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी को भी आम जनता के सामने जिम्मेदारी और सादगी का उदाहरण पेश करना चाहिए।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल की बचत को प्राथमिकता देने की बात कही है। अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने के निर्देशों के जरिए सरकार प्रशासनिक खर्चों में कटौती और संसाधनों के संतुलित उपयोग पर फोकस कर रही है।
सरकार का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्वयं इस तरह की पहल करेंगे तो आम लोगों के बीच भी ईंधन बचत को लेकर सकारात्मक संदेश जाएगा। यही वजह है कि मुख्यमंत्री ने इस फैसले को केवल सरकारी आदेश नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार पहल के रूप में लागू करने पर जोर दिया है।