जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। 12 जून से शुरू हुए इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों से जुड़े विभिन्न लंबित कार्यों का तेजी से निस्तारण किया गया। जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण, पट्टा वितरण, नामांतरण, भवन निर्माण स्वीकृति सहित अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही शहरों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सड़क, नाली, सीवर, स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक स्थलों के विकास से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शहरी सेवा शिविरों के दौरान अब तक प्रदेशभर में 35,243 पट्टे जारी किए जा चुके हैं। इनमें अकेले जयपुर जिले में 5,057 पट्टों का वितरण किया गया। इसके अलावा नागरिकों को भवन निर्माण संबंधी सेवाओं में भी राहत मिली और इस अवधि में 6,993 भवन निर्माण स्वीकृतियां जारी की गईं। वहीं लंबे समय से लंबित 12,745 नामांतरण मामलों का भी सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
एक लाख से अधिक प्रमाण-पत्र किए गए जारीशिविरों के माध्यम से लोगों को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज की गई। इस दौरान जन्म, मृत्यु और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) से जुड़े कुल 1,02,256 प्रमाण-पत्र जारी किए गए। इससे बड़ी संख्या में नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध हो सके।
शहरी आधारभूत सुविधाओं पर भी दिया गया विशेष जोरराज्य सरकार ने केवल प्रशासनिक सेवाओं तक ही इन शिविरों को सीमित नहीं रखा, बल्कि शहरों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया। इसी क्रम में स्ट्रीट लाइट लगाने और उनकी मरम्मत से जुड़े 85,989 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में 15,927 फेरो कवर भी लगाए गए, जिससे आमजन को बेहतर और सुरक्षित शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए।
इसके अलावा कई स्थानों पर सड़कों की मरम्मत, नालियों और सीवर लाइनों की सफाई एवं सुधार कार्यों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण जैसी विकास गतिविधियों को भी गति दी गई। इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहरों के समग्र विकास को आगे बढ़ाना रहा।
सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में अहम पहलराज्य सरकार का कहना है कि शहरी सेवा शिविरों ने आमजन और नगरीय निकायों के बीच संवाद को अधिक प्रभावी बनाया है। इन शिविरों के जरिए वर्षों से लंबित समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया गया, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली।
सरकार के अनुसार, यह पहल सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। शिविरों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और प्रभावी बनाते हुए प्रशासन को लोगों के और अधिक करीब लाने का प्रयास किया गया है।