राजस्थान में सड़क नेटवर्क को और बेहतर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने अलवर-बहरोड़ स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस फोरलेन हाईवे के निर्माण पर करीब 400 करोड़ रुपये की लागत आएगी, और खास बात यह है कि इस मार्ग पर दोपहिया वाहनों के लिए एक अलग लेन बनाई जाएगी ताकि ट्रैफिक की रफ्तार पर कोई असर न पड़े और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम हो।
राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (RSRDC) द्वारा कराए जा रहे सर्वेक्षण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। विभाग का कहना है कि दिसंबर तक इसे पूरा करने की समयसीमा थी, लेकिन मौजूदा रफ्तार को देखते हुए यह 15 दिन में ही पूरा हो जाएगा। सर्वेक्षण के बाद सरकार से वित्तीय स्वीकृति ली जाएगी और फिर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि नए साल की शुरुआत में निर्माण कार्य धरातल पर उतरने लगेगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने इस परियोजना को बजट 2025–26 में मंजूरी दी थी, जिसके तहत डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के लिए 2.5 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। फिलहाल सर्वेक्षण कार्य में पाया गया है कि मार्ग की स्थिति अत्यंत खराब है। 74 किलोमीटर की दूरी तय करने में फिलहाल 2 घंटे तक का समय लग रहा है। मार्ग पर गहरे गड्ढे हैं और यह सड़क हादसों का कारण बन रही है। हालांकि, सरकार ने अस्थायी राहत के तौर पर पैचवर्क के लिए 1.5 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।
इस फोरलेन के बन जाने के बाद अलवर से बहरोड़ की यात्रा केवल 50 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह हाईवे दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे (NH-48) से सीधे तौर पर जुड़ जाएगा, जिससे इस मार्ग की महत्ता और भी बढ़ जाएगी। इससे दिल्ली, जयपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से भी बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी।
इंजीनियरों के मुताबिक, राज्य सरकार के पास इस हाईवे के लिए पहले से ही 100 फीट चौड़ी भूमि उपलब्ध है। ऐसे में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। जिन स्थानों पर अतिक्रमण पाया जाएगा, उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। यह भी एक बड़ा कारण है कि इस परियोजना को तेजी से क्रियान्वित किया जा सकेगा।
आरएसआरडीसी के परियोजना निदेशक सतीश कुमार के अनुसार, अलवर-बहरोड़ फोरलेन का सर्वे अगले 15 दिनों में पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद की प्रक्रियाएं शीघ्रता से पूरी की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा और ट्रैफिक फ्री फ्लो सुनिश्चित करने के लिए विशेष लेन की योजना बनाई गई है।
राजस्थान में यह परियोजना न केवल एक बुनियादी ढांचा उन्नयन है, बल्कि यह यातायात की सुगमता, सड़क सुरक्षा और औद्योगिक विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।