राजस्थान के सभी पुलिस थानों पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का बिग स्क्रीन पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाले इस समारोह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। राजस्थान के लोग शाम 5:30 बजे से पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर परेड देख सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य देश की सुरक्षा में पुलिस बलों के योगदान, उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा से आम नागरिकों को परिचित कराना और पुलिस तथा जनता के बीच संवाद को मजबूत करना है।
यह आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के तहत हो रहा है। गुजरात के एकता नगर में 31 अक्टूबर को होने वाले मुख्य समारोह में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, नरेंद्र मोदी समारोह में शामिल होंगे और परेड का निरीक्षण करेंगे। राजस्थान में इस आयोजन को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी पुलिस थानों पर बड़े पर्दे की व्यवस्था की जाएगी। आम नागरिक पुलिसकर्मियों के साथ बैठकर समारोह देख सकेंगे। इसमें केवल पुलिस विभाग के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिक भी देखेंगे परेडसीधे प्रसारण के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी रहेगी। इसके अलावा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड, युवा क्लब, सुरक्षा सखी, सीएलजी सदस्यों और पुलिस मित्रों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
पुलिसकर्मियों के परिवारों, पुलिस प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रशिक्षुओं और राजस्थान सशस्त्र कांस्टेबुलरी (आरएसी) बटालियनों के जवानों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इस तरह पुलिस थानों को सिर्फ प्रसारण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि पुलिस और आमजन के बीच संवाद के अवसर के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य पुलिस के कार्यों और देश की सुरक्षा में उसके योगदान को लोगों के सामने लाना है। पुलिसकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं। ऐसे आयोजन के जरिए आम लोगों को पुलिस बलों के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
केंद्रीय गृह सचिव ने दिए दिशा-निर्देश, डीजीपी ने ली बैठकराष्ट्रीय एकता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर सोमवार सुबह केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश के सभी पुलिस महानिदेशकों को दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में आयोजन से संबंधित व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने और समारोह का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुलिस थानों में प्रसारण के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएं और आमंत्रित लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि थाना प्रभारी से लेकर जिला पुलिस अधीक्षक और रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) तक के अधिकारी पुलिसकर्मियों और आमंत्रित नागरिकों के साथ बैठकर परेड का सीधा प्रसारण देखेंगे। इससे पुलिस विभाग के विभिन्न स्तरों पर आयोजन में भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को रिपोर्ट भेजने के निर्देशडीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि सभी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को आयोजन और उसमें शामिल होने वाले लोगों की सहभागिता की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजनी होगी। इस व्यवस्था के जरिए प्रदेशभर में कार्यक्रम के आयोजन और जनभागीदारी का ब्योरा जुटाया जाएगा। उन्होंने बताया कि समारोह का मुख्य उद्देश्य देश के पुलिस बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की ओर से किए जा रहे असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाना है। राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड पुलिस और सुरक्षा बलों के साहस, अनुशासन तथा देश की एकता और अखंडता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करने का अवसर है। एकता नगर में होने वाले मुख्य समारोह में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की टुकड़ियां शामिल होंगी। परेड में देश की विविधता और एकता को प्रदर्शित करने वाले कार्यक्रम भी रखे गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तैयारियों की समीक्षा कीबैठक के दौरान राजस्थान के पुलिस महानिदेशक के साथ डीजी कानून एवं व्यवस्था संजय अग्रवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस आयुक्तों को आयोजन के सफल संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीजीपी वीके सिंह, एडीजीपी रूपिंदर सिंघ, एडीजीपी लता मनोज कुमार, एडीजीपी प्रफुल्ल कुमार और एडीजीपी राघवेंद्र सुहासा सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। राजस्थान पुलिस की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, आयोजन के दौरान पुलिसकर्मियों और आमंत्रित लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान दिया जाएगा। सभी जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों को आयोजन से जुड़ी जानकारी पुलिस मुख्यालय तक पहुंचानी होगी।