राजस्थान में आज ओला-उबर सेवाएं ठप, कैब ड्राइवरों का चक्का जाम; एयरपोर्ट प्रशासन ने जारी की एडवायजरी

अगर आप शनिवार (7 फरवरी 2026) को ओला (Ola), उबर (Uber), रैपिडो (Rapido) या पोर्टर (Porter) जैसी ऐप आधारित परिवहन सेवाओं से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। गिरती आमदनी और कथित शोषण के विरोध में कैब और ऑटो ड्राइवरों ने आज देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसका असर राजस्थान में भी साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी जयपुर समेत राज्य के कई बड़े शहरों में ड्राइवरों ने ऐप बंद रखकर विरोध दर्ज कराया है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो सकती है।

जयपुर एयरपोर्ट प्रशासन ने जारी की चेतावनी

हड़ताल के चलते यात्रियों को हो सकने वाली दिक्कतों को देखते हुए जयपुर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट प्रशासन ने विशेष एडवायजरी जारी की है। एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर चलें। केवल ऐप-आधारित कैब सेवाओं पर निर्भर न रहें और संभव हो तो निजी वाहन, टैक्सी स्टैंड या सार्वजनिक परिवहन का सहारा लें। प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि फ्लाइट छूटने से बचने के लिए तय समय से काफी पहले एयरपोर्ट पहुंचें।

किस वजह से हो रहा है चक्का जाम?

इस हड़ताल का आह्वान इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) और अन्य ड्राइवर संगठनों ने किया है। ड्राइवरों का कहना है कि लगातार घटती कमाई और बढ़ते खर्च ने उनकी आजीविका पर असर डाला है। यूनियनों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं—

सरकार 2025 की गाइडलाइंस के तहत न्यूनतम किराया तय करे, ताकि ड्राइवरों को स्थिर और सुरक्षित आय मिल सके।

सफेद नंबर प्लेट वाली निजी गाड़ियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगाई जाए, क्योंकि इससे पेशेवर टैक्सी और ऑटो चालकों के काम पर सीधा असर पड़ रहा है।

यात्रियों पर क्या पड़ेगा असर?

हड़ताल के कारण जयपुर, जोधपुर, कोटा जैसे प्रमुख शहरों में कैब सेवाएं लगभग ठप रहने की आशंका है। खास तौर पर रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बाइक टैक्सी और पोर्टर जैसी डिलीवरी सेवाओं पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। कई ड्राइवरों ने राइड रिक्वेस्ट रद्द कर दी हैं, जबकि कुछ ने पूरे दिन के लिए अपने ऐप ही स्विच ऑफ कर दिए हैं। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है।