राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों की बहाली को लेकर छात्र संगठनों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी सिलसिले में अजमेर जिले से एनएसयूआई (NSUI) के छात्र प्रतिनिधि लकी जैन ने बुधवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। लकी जैन का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ उनकी निजी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है, जिसे वह आखिरी दम तक जारी रखेंगे।
“जब तक छात्रसंघ चुनाव बहाल नहीं होंगे, आंदोलन जारी रहेगा”लकी जैन ने स्पष्ट किया कि वे तब तक धरना स्थल नहीं छोड़ेंगे, जब तक राज्य सरकार छात्रसंघ चुनावों की बहाली की औपचारिक घोषणा नहीं करती। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन छात्रों के भविष्य, उनकी आवाज और भागीदारी के अधिकार को बचाने की एक निर्णायक पहल है।
जयपुर प्रदर्शन पर पुलिस की सख्ती से आक्रोशलकी जैन ने यह भी बताया कि मंगलवार को जयपुर में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने सचिन पायलट के नेतृत्व में शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई ने छात्रों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई छात्रों को बाल पकड़कर घसीटा गया, उन पर लाठीचार्ज किया गया और बिना कारण गिरफ्तारी भी हुई।
जैन ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों की खुली अवहेलना करार दिया। उनका कहना था, जब छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध कर रहे हों, तब उन पर बल प्रयोग करना सीधे तौर पर उनके अधिकारों का दमन है।
उपमुख्यमंत्री के बयान से भड़की चिंगारीइस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने यह बयान दिया कि वर्ष 2025 में छात्रसंघ चुनाव नहीं होंगे। इस बयान को लेकर छात्रों में जबरदस्त रोष देखा जा रहा है। लकी जैन ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ अन्यायपूर्ण कदम बताया और सरकार से तुरंत निर्णय बदलने की मांग की।
यह सिर्फ अनशन नहीं, अधिकारों की लड़ाई हैअपने आंदोलन को और अधिक धार देते हुए लकी जैन ने कहा कि वे केवल भूख हड़ताल ही नहीं कर रहे, बल्कि ये आंदोलन छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी के हक के लिए है। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों की आवाज को अनसुना किया गया, तो यह विरोध प्रदेशभर में और व्यापक रूप ले सकता है।
साथियों का मिला समर्थन, आंदोलन हुआ मजबूतलकी जैन के इस आमरण अनशन को NSUI के अन्य कार्यकर्ताओं का भी पूरा समर्थन मिल रहा है। अजमेर में छात्र नेताओं का जमावड़ा शुरू हो चुका है और हर तरफ से समर्थन की आवाज़ें आ रही हैं। आंदोलन के तेज होने से यह साफ है कि छात्र संघ चुनावों की बहाली अब एक छात्र जनांदोलन का रूप ले चुका है।