राजस्थान में मूसलाधार बारिश का कहर, 19 जिलों में स्कूल बंद, अब तक 93 लोगों की मौत

राजस्थान इन दिनों मानसून की भारी बरसात से जूझ रहा है। लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक विभिन्न हादसों में 93 लोगों की जान जा चुकी है और 51 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 46 लोगों की मौत डूबने या बहाव में बह जाने से हुई, 24 लोग बिजली गिरने के शिकार बने जबकि शेष की जान अन्य घटनाओं में गई। मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।

स्कूलों में छुट्टियां, अलग-अलग जिलों में अलग अवधि

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने 19 जिलों में स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया है। रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक प्रशासनिक आदेश जारी किए गए।

एक दिन का अवकाश (25 अगस्त): सीकर, करौली, कोटा, खैरथल-तिजारा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, अजमेर, कोटपूतली-बहरोड़, सिरोही, बूंदी, भीलवाड़ा, उदयपुर और सवाई माधोपुर।

दो दिन का अवकाश (25-26 अगस्त): अलवर, जयपुर, दौसा, नागौर और डीडवाना-कुचामन।
तीन दिन का अवकाश (25-27 अगस्त): टोंक।

राहत-बचाव कार्यों में जुटी टीमें

प्रदेश में SDRF की 57 और NDRF की 7 टीमें सक्रिय हैं। अब तक 792 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इस बार मानसून ने सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश दी है। औसत 522.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य आंकड़े से लगभग 51% अधिक है।

27 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 27 अगस्त तक कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा।

ऑरेंज अलर्ट: सिरोही, राजसमंद और उदयपुर।


येलो अलर्ट: गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, अलवर, नागौर, जोधपुर, पाली, जालौर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और डूंगरपुर।
रविवार को नागौर में सबसे अधिक 7 इंच बारिश दर्ज की गई।

कई जिलों में तबाही, गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति

सीकर शहर के मेन बाजार, बस स्टैंड और पुलिस चौकी तक पानी भर गया। नागौर के बच्चाखाड़ा में मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि लोहारपुरा में भी एक जर्जर मकान धराशायी हो गया। उदयपुर के डबोक क्षेत्र की कुंवारी खदान में पानी भरने से चार मासूम बच्चे डूब गए। चूरू जिले के पूलासर गांव में तालाब में नहाने गए दो किशोरों की जान चली गई। झालावाड़ में कालीसिंध नदी पर बनी पुलिया से एक कार बह गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दो अभी लापता हैं। वहीं सवाईमाधोपुर में दर्जनभर गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।

24 घंटे में रिकॉर्ड तोड़ बारिश

पिछले 24 घंटों में कई स्थानों पर बारिश ने पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।

नागौर: 173 मिमी

डेह: 137 मिमी

जायल: 112 मिमी

खींवसर: 99 मिमी

अजमेर शहर: 61 मिमी

नसीराबाद: 51 मिमी

बीकानेर (लूणकरणसर): 91 मिमी

दौसा (लालसोट): 62 मिमी

हनुमानगढ़ (गोलूवाला): 92 मिमी

सिरोही (माउंट आबू): 71 मिमी

राज्य भर में बारिश ने जहां लोगों के लिए राहत का माहौल बनाया, वहीं इसकी वजह से जनहानि और तबाही ने चिंता भी बढ़ा दी है।