जयपुर: नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज किए जाने के बाद राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। गहलोत ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध और एजेंसियों के दुरुपयोग की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि अप्रैल में चार्जशीट दाखिल होने के छह महीने बाद FIR दर्ज करवाई गई, क्योंकि भाजपा सरकार को लगने लगा कि ईडी की चार्जशीट कमजोर है।
गहलोत का सोशल मीडिया पोस्टपूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि गांधी परिवार की देश और दुनिया में अपार प्रतिष्ठा है। 35 साल से किसी सरकारी पद पर न होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं का विश्वास गांधी परिवार में अटूट है। गहलोत ने याद दिलाया कि गांधी परिवार ने आजादी की लड़ाई में आनंद भवन और स्वराज भवन दान किए, पंडित नेहरू 10 साल जेल में रहे, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने अपने जीवन का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि इसी लोकप्रियता से भाजपा और RSS हमेशा डरते रहे हैं।
नेशनल हेराल्ड का इतिहास और आरोपगहलोत ने कहा कि पंडित नेहरू द्वारा 1938 में शुरू किया गया नेशनल हेराल्ड अखबार 2008 में बंद हो गया था। कांग्रेस की पहल से 2016 में इसे पुनः प्रकाशित किया गया। इसके बावजूद भाजपा लगातार गांधी परिवार को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि सोनिया और राहुल गांधी से कई दिन तक पूछताछ की गई।
एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोपगहलोत ने कहा कि ईडी द्वारा दिल्ली पुलिस में FIR दर्ज कराना मोदी सरकार द्वारा एजेंसियों के दुरुपयोग का एक और उदाहरण है। अप्रैल में चार्जशीट दाखिल होने के छह महीने बाद FIR दर्ज कराई गई, ताकि यह दिखाया जा सके कि कार्रवाई की जा रही है, जबकि चार्जशीट की मजबूती सवालों के घेरे में थी। उन्होंने कहा कि चाहे आयकर विभाग हो, ईडी हो या दिल्ली पुलिस, गांधी परिवार और कांग्रेस को केवल राजनीतिक द्वेष के तहत की जा रही इन कार्रवाइयों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
लोकतंत्र और मजबूतीपूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी पूरी ताकत के साथ लड़ते रहेंगे और इन राजनीतिक हमलों के बावजूद अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेंगे। उनका मानना है कि ये कार्रवाइयाँ केवल राजनीतिक दुर्व्यवहार हैं और गांधी परिवार तथा कांग्रेस पार्टी का विश्वास और समर्थन जनता में बरकरार रहेगा।