राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शनिवार को राज्य में इलेक्ट्रिक बस सेवा की औपचारिक शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर और भीलवाड़ा के लिए कुल 47 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें जयपुर के लिए 29 और भीलवाड़ा के लिए 18 अत्याधुनिक ई-बसें शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण हितैषी सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल यातायात व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत शुरू हुई पहलमुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज (जेसीटीएसएल) की 29 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीलवाड़ा में भी 18 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई।
उन्होंने कहा कि राज्य में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
राजस्थान के आठ शहरों को मिलेगा ई-बस नेटवर्क का लाभमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के आठ प्रमुख शहरों का चयन किया गया है। इनमें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर शामिल हैं। केंद्र सरकार ने इन शहरों के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी प्रदान की है।
इसके अलावा राज्य को अतिरिक्त 475 ई-बसों की भी स्वीकृति मिली है। इस तरह राजस्थान को कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त होंगी, जिससे राज्य के शहरी परिवहन नेटवर्क में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
दीपावली तक 675 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारने की तैयारीमुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में दीपावली तक 675 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। आधुनिक तकनीक से लैस ये बसें यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजन के लिए यह बसें विशेष रूप से उपयोगी साबित होंगी। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शहरी परिवहन व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 555 ई-बसों का उपयोग सामान्य सार्वजनिक परिवहन में करेगी, जबकि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें भी संचालित की जाएंगी। इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल ‘विकसित राजस्थान 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे राज्य के परिवहन क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री ने खुद किया इलेक्ट्रिक बस का सफरकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में राजस्थान ने पानी, बिजली, उद्योग, परिवहन और बुनियादी ढांचे सहित कई क्षेत्रों में तेज गति से विकास किया है।
इस अवसर पर उन्होंने जयपुर स्थित अमर जवान ज्योति परिसर में इलेक्ट्रिक बस का विधिवत पूजन भी किया और बस की सुविधाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बस के चालक और परिचालक से बातचीत कर उनके अनुभव भी जाने।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्वयं टिकट लेकर अमर जवान ज्योति से स्टेट हैंगर तक इलेक्ट्रिक बस में यात्रा की। इस दौरान उन्होंने बस की व्यवस्थाओं और यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं का भी अवलोकन किया। राज्य सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों की यह नई शुरुआत आने वाले वर्षों में राजस्थान की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।