राजस्थान में बड़ा एक्शन: जोधपुर से मौलवी सहित तीन लोग हिरासत में, परिवार ने बताया निर्दोष

जोधपुर में जांच एजेंसियों ने शुक्रवार को एक बड़े एक्शन के तहत आतंकी कनेक्शन के शक में तीन लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें एक मौलवी भी शामिल हैं जो चोखा क्षेत्र में मदरसा चलाते हैं। हालांकि, परिवार वालों का कहना है कि सभी निर्दोष हैं और उन्हें बिना किसी ठोस सबूत के हिरासत में लिया गया है।

सुबह-सुबह हुई कार्रवाई, घर से उठाकर ले गए


मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से पीपाड़ निवासी अयूब गफ्फार जो जोधपुर के चोखा क्षेत्र में मदरसा चलाते हैं, उन्हें शुक्रवार सुबह करीब चार बजे उनके घर से हिरासत में लिया गया। परिजनों का कहना है कि तड़के करीब 20 से अधिक लोग सादी वर्दी में घर पहुंचे, जिनमें कुछ पुलिसकर्मी भी थे। उन्होंने अयूब गफ्फार को सोते हुए उठाया, कुछ दस्तावेज अपने साथ लिए और कमरे को सील कर दिया।

अयूब के बेटे मोहम्मद याकूब के अनुसार, “सुबह करीब साढ़े तीन बजे 22 लोग घर में घुस आए। उन्होंने अब्बा को सोते हुए उठाया, कुछ कागज और मोबाइल ले गए, लेकिन यह नहीं बताया कि उन्हें क्यों ले जा रहे हैं।” इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।

तीन मौलवी हिरासत में, एक जैसलमेर से भी डिटेन

सूत्रों के मुताबिक, जोधपुर से दो और जैसलमेर से एक मौलवी को हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा, पीपाड़ से एक अन्य व्यक्ति को भी डिटेन किया गया है। राजीव गांधी नगर थाने की पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन कार्रवाई को लेकर उन्होंने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

पड़ोसी बोले – कभी संदिग्ध नहीं लगे

स्थानीय लोगों के अनुसार, अयूब गफ्फार लगभग 15-20 वर्षों से बॉम्बे क्वार्टर्स कॉलोनी में रह रहे थे। वे मस्जिद में नमाज़ अदा करते थे और मदरसे में बच्चों को तालीम देते थे। पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कभी किसी संदिग्ध गतिविधि में भाग लेते नहीं देखा।

रात से ही चल रही थी निगरानी

खबर है कि यह कार्रवाई योजनाबद्ध थी। गुरुवार रात से ही संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रात में कुछ अधिकारियों ने पूछताछ भी की थी और सुबह अंतिम एक्शन लिया गया। एजेंसियों ने घर से कई दस्तावेज़ और मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

फिलहाल, एजेंसियां इस कार्रवाई के पीछे के कारणों पर चुप हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह मामला किसी संदिग्ध अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच से जुड़ा हो सकता है। परिवार और स्थानीय लोगों का आग्रह है कि जांच निष्पक्ष रूप से हो और यदि कोई निर्दोष है, तो उसे जल्द रिहा किया जाए।