राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में सोमवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की तीसरी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्युत वितरण निगमों (डिस्कॉम्स) की वित्तीय स्थिति, ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार और अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि ऊर्जा क्षेत्र के विकास के साथ-साथ डिस्कॉम्स की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और सभी ऊर्जा परियोजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से उपभोक्ताओं और डिस्कॉम्स दोनों को होगा फायदाबैठक के दौरान बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के पायलट प्रोजेक्ट्स की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और अन्य सौर ऊर्जा परियोजनाओं से उत्पादित अतिरिक्त बिजली के सुरक्षित और प्रभावी भंडारण के लिए यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित होगी। उन्होंने बताया कि बैटरी स्टोरेज सिस्टम के जरिए जरूरत के समय संग्रहीत बिजली का उपयोग किया जा सकेगा, जिससे पीक आवर्स में महंगी बिजली खरीदने की आवश्यकता काफी हद तक कम होगी। इससे डिस्कॉम्स को हर वर्ष उल्लेखनीय वित्तीय बचत होगी और इसका सीधा लाभ बिजली उपभोक्ताओं तक भी पहुंचेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम के विभिन्न सर्किलों में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की स्थापना के लिए आवश्यक स्थान पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं और आगे की प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जा रहा है।
ऋण पुनर्गठन से डिस्कॉम्स की आर्थिक स्थिति होगी और मजबूतमुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बैठक में डिस्कॉम्स के ऋण पुनर्गठन (Debt Restructuring) की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि आरईसी (REC) और पीएफसी (PFC) से लिए गए अधिक ब्याज दर वाले ऋणों की री-प्राइसिंग के कारण डिस्कॉम्स को हर साल ब्याज भुगतान में अच्छी-खासी बचत हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन ऋणों पर अभी भी अधिक ब्याज दर लागू है, उनकी भी जल्द से जल्द री-प्राइसिंग सुनिश्चित करने के लिए संबंधित वित्तीय संस्थानों के साथ प्रभावी समन्वय और वार्ता की जाए, ताकि वित्तीय बोझ को और कम किया जा सके।
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देशबैठक में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-II के तहत हनुमानगढ़ और उदयपुर में चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में अक्षय ऊर्जा के ट्रांसमिशन को नई गति मिलेगी और राजस्थान का विद्युत ट्रांसमिशन नेटवर्क पहले से अधिक मजबूत, आधुनिक और सक्षम बन सकेगा।
पीएम सूर्य घर योजना के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोरमुख्य सचिव ने बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रभावी सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि पात्र परिवार योजना का लाभ आसानी से उठा सकें और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में ऊर्जा विभाग की सचिव एवं डिस्कॉम्स की अध्यक्ष आरती डोगरा, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक, आरईसी एवं पीएफसी के प्रतिनिधियों सहित दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेजिडेंट कमिश्नर रोहित कुमार भी शामिल हुए। बैठक में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।