नीतीश के दिल्ली जाने पर सचिन पायलट का तंज, 'चुनाव अपने चेहरे पर जीता, अब मुख्यमंत्री पद क्यों छोड़ रहे?'

बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। पिछले दो दशकों से राज्य की सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने वाले नीतीश कुमार ने अचानक घोषणा कर दी कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा का रास्ता अपनाएंगे। गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। इस चौंकाने वाले फैसले ने बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रास्ते को साफ कर दिया है, जबकि विपक्ष ने इसे 'दिल्ली के दबाव' के रूप में देखा।

सचिन पायलट का करारा तंज

नीतीश कुमार के इस कदम पर राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पायलट ने सवाल उठाया, नीतीश ने अपने चेहरे पर चुनाव लड़ा और जनता का जनादेश हासिल किया। अब वे किस दबाव में मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ रहे हैं? उन्होंने नीतीश के बार-बार गठबंधन बदलने की आदत पर भी तंज कसते हुए कहा कि नीतीश ने हमेशा अपने मन के अनुसार पाले बदलते रहे हैं। अब दिल्ली जाने का फैसला, पायलट के अनुसार, राजनीति में एक नई चुनौती खड़ी करता है।
नीतीश का बयान: 'संसदीय आकांक्षा पूरी कर रहा हूं'

नीतीश कुमार ने इस फैसले पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लंबी पोस्ट साझा की। उन्होंने बिहार की जनता का आभार जताया और लिखा कि 2005 से अब तक जनता ने जिस भरोसे के साथ उन्हें सत्ता सौंपी, उसी से उन्होंने बिहार की सेवा की। नीतीश ने बताया कि उनका हमेशा से उद्देश्य यह रहा है कि वे विधानमंडल और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बने। इस अधूरी आकांक्षा को पूरा करने के लिए वे अब राज्यसभा की ओर रुख कर रहे हैं।

पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, जेडीयू के भीतर इस फैसले को लेकर भारी असंतोष है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मानते हैं कि नीतीश को मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए था।

बेटे निशांत की राजनीति में कदम

इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच नीतीश के पुत्र निशांत कुमार की सक्रिय राजनीति में एंट्री ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इंजीनियरिंग स्नातक निशांत को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल किया जा सकता है। वहीं, राजद नेता मनोज झा ने आरोप लगाया कि नीतीश का यह फैसला उनके अपने मन का नहीं, बल्कि 'दिल्ली की स्क्रिप्ट' के अनुसार लिया गया है।