NEET पेपर लीक केस में बड़ा ट्विस्ट, चाचा की गिरफ्तारी के बाद भतीजी पलक बिवाल 2 दिन से लापता, CBI की तलाश तेज

NEET परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले की जांच अब जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज तक पहुंच गई है, जहां कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस केस में दिनेश बिवाल की भतीजी पलक बिवाल भी जांच के दायरे में आ गई है। वर्ष 2025 में NEET परीक्षा पास करने के बाद पलक का एडमिशन इसी प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में हुआ था। हालांकि, कॉलेज में पढ़ाई के दौरान उसका प्रदर्शन औसत स्तर का बताया जा रहा है।

एसएमएस मेडिकल कॉलेज की एडिशनल प्रिंसिपल डॉ. मोनिका जैन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पलक एक सामान्य और औसत प्रदर्शन करने वाली छात्रा रही है। उनकी उपस्थिति कक्षाओं में नियमित थी, लेकिन पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद से वह अचानक कॉलेज से गायब हो गई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

कॉलेज प्रशासन ने शुरू की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया

मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब कॉलेज प्रशासन को सूचना मिली कि पलक पिछले दो दिनों से न तो कक्षाओं में आ रही है और न ही हॉस्टल में दिखाई दे रही है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए कॉलेज प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है।

कॉलेज अधिकारियों के अनुसार, “छात्रा का इस तरह अचानक गायब होना बेहद चौंकाने वाला है। हम उसके दोस्तों से संपर्क कर जानकारी जुटा रहे हैं और हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है।” प्रशासन अब उसके पूरे मूवमेंट रिकॉर्ड की भी जांच कर रहा है।
NEET 2025 में शानदार स्कोर के बावजूद जांच के घेरे में

पलक बिवाल ने NEET 2025 परीक्षा में 522 अंक हासिल किए थे और उसका परसेंटाइल 98.61 प्रतिशत रहा था। SC कैटेगरी के तहत उसे एसएमएस मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला था।

हालांकि अब उसकी अचानक अनुपस्थिति और जांच में सामने आए नए तथ्यों के बाद एजेंसियां उसके पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड और परीक्षा प्रदर्शन की गहन जांच कर रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, उसके स्कोर और अन्य संदिग्ध पहलुओं के बीच अंतर भी जांच का हिस्सा बन सकता है।

भाई ऋषि बिवाल भी लापता, जांच में बढ़ी पेचीदगी

इस केस में सिर्फ पलक ही नहीं, बल्कि उसके परिवार के अन्य सदस्य भी जांच के दायरे में हैं। बताया जा रहा है कि दिनेश बिवाल का बेटा ऋषि बिवाल भी फिलहाल फरार है।

सूत्रों के अनुसार, इस बार पेपर लीक से जुड़े आरोपों के बावजूद ऋषि परीक्षा में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाया। अनुमान है कि उसे 720 में से केवल लगभग 107 अंक ही मिल पाए। इसी कारण जांच एजेंसियां उसकी भी तलाश में जुटी हुई हैं।

परिवार के कई सदस्य NEET से जुड़े रहे हैं

जानकारी के मुताबिक, दिनेश बिवाल, मांगीलाल और उनके बड़े भाई घनश्याम के परिवार में कुल 7 सदस्य पिछले दो वर्षों के दौरान NEET परीक्षा में शामिल हुए हैं। इनमें से 5 सदस्य सफल घोषित हुए हैं।

वर्ष 2025 में मांगीलाल के बेटे विकास और बेटी प्रगति का चयन हुआ था। इसी साल दिनेश की बेटी गुंजन को वाराणसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिला। वहीं घनश्याम की बेटी पलक का चयन एसएमएस मेडिकल कॉलेज में हुआ और उनकी दूसरी बेटी सानिया फिलहाल मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में अध्ययन कर रही है।