मेवाड़ के श्री सांवरिया सेठ मंदिर में ऐतिहासिक चढ़ावा: दानपात्र से निकले 22.80 करोड़ रुपये से अधिक

मेवाड़ का प्रसिद्ध कृष्णधाम, श्री सांवरिया सेठ मंदिर, एक बार फिर अपने भव्य चढ़ावे के कारण सुर्खियों में है। इस बार 22 अगस्त को खोले गए मासिक दानपात्र (भंडार) से अब तक कुल 22 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये की राशि निकल चुकी है, और गिनती का काम शनिवार को भी जारी रहा। भक्तों की अटूट आस्था का यह नजारा हर महीने देखने को मिलता है, जब मंदिर में करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है।

चढ़ावे की गिनती का तरीका

सांवरिया सेठ मंदिर का भंडार हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को खोला जाता है। इस बार भी 22 अगस्त को राजभोग आरती के बाद मंदिर मंडल के प्रशासनिक अधिकारियों और सदस्यों की मौजूदगी में दानपात्र खोला गया। इसके बाद चढ़ावे की गिनती अलग-अलग चरणों में की गई:
पहले दिन (22 अगस्त): 8 करोड़ 90 लाख रुपये

दूसरे चरण: 4 करोड़ 60 लाख रुपये

तीसरे चरण: 3 करोड़ 86 लाख 50 हजार रुपये

चौथे चरण: 2 करोड़ 50 हजार रुपये

पांचवें चरण: 2 करोड़ 94 लाख रुपये

छठवें चरण: 84 लाख रुपये

इन छह चरणों में कुल 22 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये गिन लिए गए हैं।

180 से अधिक कर्मचारियों की निगरानी

दानपात्र की गिनती के लिए मंदिर मंडल ने 180 से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया है, जो कई शिफ्टों में काम कर रहे हैं। पूरी प्रक्रिया मैन्युअल गिनती और सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में हो रही है। अभी दानपात्र की पूरी गिनती, भेंट कक्ष, ऑनलाइन चढ़ावा और कार्यालय में आए चढ़ावे की गिनती बाकी है। साथ ही, दान में प्राप्त सोना, चांदी और विदेशी मुद्राओं की गिनती भी अभी करनी है।

पिछले महीनों में चढ़ावे की राशि 28 से 29 करोड़ रुपये तक पहुँचने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार का आंकड़ा भी काफी बड़ा होगा।

भक्तों की आस्था: 'कारोबार का पार्टनर'

भक्त मानते हैं कि सांवरिया सेठ उनके व्यवसाय का साझेदार हैं। जब व्यापार में लाभ होता है, तो उसका एक हिस्सा भगवान को अर्पित किया जाता है। यही विश्वास मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे का कारण बनता है। यह चढ़ावा सिर्फ मंदिर के विकास कार्यों में ही नहीं, बल्कि आसपास के 16 गांवों के कल्याण और विकास में भी लगाया जाता है।