शहर को ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जगतपुरा स्थित महल रोड पर अब यू-शेप ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसके तहत इस पूरे मार्ग को सिग्नल-फ्री बनाया जाएगा। दिल्ली, इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में सफल रहे इस मॉडल को अपनाते हुए जेडीए 7 नंबर चौराहे से रामचंद्रपुरा तक के सभी कट बंद कर नियंत्रित यू-टर्न विकसित करेगा।
ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद जेडीए इस 9 किलोमीटर लंबे और 200 फीट चौड़े रोड कॉरिडोर पर मौजूद सभी सिग्नल हटाएगा। दाएं मोड़ के लिए आगे जाकर यू-शेप टर्न बनाए जाएंगे, ताकि मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक बिना रुके चलता रहे और जाम की स्थिति न बने।
7 सिग्नल हटेंगे, 5 यू-शेप टर्न होंगे तैयारमहल रोड पर फिलहाल 5 सिग्नलयुक्त और 2 बिना सिग्नल वाले कट मौजूद हैं। इस मार्ग से रोज़ाना करीब 1.50 से 2 लाख वाहन गुजरते हैं, जिससे जगतपुरा 7 नंबर चौराहा, एनआरआई चौराहा, अक्षय पात्र और रामचंद्रपुरा क्षेत्र में अक्सर भारी दबाव बन जाता है। सिग्नल पर रुकने की मजबूरी के कारण यहां लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिलता है।
नई व्यवस्था में सीधे जाने वाले वाहनों को कहीं रुकना नहीं पड़ेगा, जबकि बाएं मुड़ने वाले वाहन सहजता से निकल सकेंगे। दाएं मुड़ने के इच्छुक वाहन थोड़ी दूरी आगे जाकर बनाए गए यू-शेप टर्न का उपयोग करेंगे, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह बाधित नहीं होगा।
अब 40 मिनट नहीं, सिर्फ 15–20 मिनट में होगा सफरजेडीए ने यू-शेप ट्रैफिक सिस्टम को लागू करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीपीआर पूरी होते ही टेंडर जारी किए जाएंगे और निर्माण कार्य शुरू होगा। अनुमान है कि अगले 6 से 8 महीनों में यह पूरा सिस्टम विकसित कर लिया जाएगा।
यह मॉडल त्रिवेणी पुलिया से गुर्जर की थड़ी तक बन रही एलिवेटेड रोड के बाद भी लागू किया जाएगा। इसके अलावा ओटीएस चौराहे पर भी इसी तरह की ट्रैफिक व्यवस्था की योजना बनाई जा रही है। वर्तमान में महल रोड पर 9 किलोमीटर की दूरी तय करने में सिग्नल और जाम के कारण 30 से 40 मिनट लग जाते हैं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद यही सफर महज़ 15 से 20 मिनट में पूरा हो सकेगा।
इस बदलाव से होंगे कई बड़े फायदेकम खर्च में सिग्नल-फ्री ट्रैफिक कॉरिडोर तैयार होगा
रोज़ाना करीब 2 लाख वाहन चालकों को जाम से राहत मिलेगी
औसतन 20 मिनट का समय बचेगा
कट बंद होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी
ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण स्तर भी घटेगा
ट्रैफिक बिना रुके स्मूद फ्लो में चलेगा
एक्सपर्ट की रायपूर्व चीफ अर्बन टाउन प्लानर एच.एस. संचेती के अनुसार, सिग्नल हटने से किसी भी सड़क की कैरिंग कैपेसिटी 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, क्योंकि वाहनों को बार-बार रुकना नहीं पड़ता। बड़े शहरों में फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड जरूरी हैं, लेकिन हर जगह यही समाधान नहीं हो सकता। यू-शेप ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसे स्मार्ट और कम लागत वाले मॉडल शहरी ट्रैफिक की तस्वीर बदल सकते हैं, बशर्ते इन्हें सही प्लानिंग और सख्त निगरानी के साथ लागू किया जाए।