राजस्थान पुलिस की हालिया रिपोर्ट में कोटा ग्रामीण पुलिस ने प्रदेश में सभी की निगाहें अपनी ओर खींचीं हैं। साल 2025 में जिले में दर्ज सभी ऑनलाइन शिकायतों में लगभग 99.83% मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा कर कोटा ग्रामीण पुलिस ने राजस्थान में नंबर-1 का स्थान हासिल किया है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने शुक्रवार को बताया कि जिले में पुलिस की सतर्कता और तत्परता के चलते अपराधों में कुल 15.81% की कमी दर्ज की गई, जो पिछले साल की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार है।
अपराधों में दर्ज हुई गिरावटपुलिस के आंकड़ों के अनुसार, लूट और डकैती के मामलों में 54% से अधिक कमी आई है। वहीं, अपहरण के मामलों में 34% की गिरावट दर्ज की गई है। हत्या और चोरी के मामलों में लगभग 23% की कमी देखी गई, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 6% की कमी हुई है। यह स्पष्ट संकेत है कि पुलिस ने गंभीर अपराधों पर विशेष नजर रखी और उनकी रोकथाम में सफलता पाई।
नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाईकोटा ग्रामीण पुलिस ने नशे के सौदागरों पर भी कड़ा शिकंजा कसते हुए साल भर में 133 केस दर्ज किए और 195 तस्करों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 6 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का नशीला सामान जब्त किया गया और तस्करी में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों को भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।
लापता व्यक्तियों को सुरक्षित परिवार के पास पहुंचायाकेस दर्ज करने और अपराधियों को पकड़ने के साथ-साथ पुलिस ने 'सुदामा अभियान' के तहत 150 लापता व्यक्तियों को ढूंढकर उनके परिवारों के पास सुरक्षित पहुंचाया। यह पहल न केवल सुरक्षा बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
कोटा ग्रामीण पुलिस की सफलता का रहस्यकुल मिलाकर कोटा ग्रामीण पुलिस का फोकस शिकायतों को लंबित न छोड़कर उन्हें तुरंत सुलझाने और अपराध नियंत्रण में रहा। यही वजह है कि जिले ने पूरे राजस्थान में टॉप रैंक हासिल की। पुलिस की तत्परता, सतर्कता और जनता के प्रति जवाबदेही ने इसे राज्य का सबसे प्रभावशाली पुलिस प्रशासन बना दिया है।