कोटा: कॉलोनियों में घूमते मगरमच्छ, रात ढलते ही सड़कों पर दिखाई दे रहे खतरनाक नज़ारे

कोटा: हाल ही में हुई लगातार भारी बारिश ने कोटा शहर के कई इलाकों में अनोखी और खतरनाक समस्या खड़ी कर दी है। पानी भराव के कारण मगरमच्छ अब नालों और तालाबों से निकलकर सीधे कॉलोनियों तक पहुँचने लगे हैं। अंधेरा होते ही यह विशालकाय जीव सड़कों पर टहलते दिखाई देते हैं।

बोरखेड़ा क्षेत्र के समृद्धि नगर विस्तार, अंजलि विहार और देवली अरब स्थित बालाजी नगर में स्थानीय लोग इन नज़ारों से दहशत में हैं। इलाके के निवासी रविंद्र सिंह हाडा का कहना है कि “मगरमच्छ अब लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं। बच्चे और महिलाएँ अक्सर रात में बाहर निकलते हैं, ऐसे में इनके हमले की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रशासन को तत्काल इनका रेस्क्यू करना चाहिए।”

रेस्क्यू टीम के सामने चुनौती

वन विभाग की क्रोकोडाइल रेस्क्यू टीम के प्रभारी वीरेंद्र सिंह हाडा ने बताया कि अधिकतर मगरमच्छ पानी से भरे खाली प्लॉट्स और झाड़ियों के बीच चले जाते हैं, जहां उनका रेस्क्यू करना बेहद मुश्किल हो जाता है। टीम के लिए सबसे आसान स्थिति तब होती है जब ये मगरमच्छ खुले प्लॉट्स या सड़कों पर आ जाएँ, क्योंकि उस वक्त बिना जोखिम के इन्हें पकड़ा जा सकता है।
अब तक 40 से अधिक मगरमच्छ पकड़े गए

वन विभाग की सक्रिय टीम अब तक कोटा के अलग-अलग क्षेत्रों से 40 से ज्यादा मगरमच्छों को सफलतापूर्वक पकड़ चुकी है। इन रेस्क्यू में नहरों और नालों से निकाले गए मगरमच्छ भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा मामले बोरखेड़ा, थेगड़ा, देवली अरब, रायपुरा, डीसीएम, रेलवे कॉलोनी, पूनम कॉलोनी और रेलवे ट्रैक क्षेत्रों से सामने आए हैं।

टीम दिन-रात लगातार निगरानी में जुटी रहती है। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छों का आकार 4 फीट से लेकर 12 फीट तक रहा है और कई का वज़न 300 किलो से ज्यादा पाया गया। सभी को सुरक्षित रूप से चंबल नदी में छोड़ा जा चुका है।