जयपुर/किशनगढ़। राजस्थान सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय, जयपुर के निर्देशों पर किशनगढ़ बास थाना पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त अभियान चलाते हुए मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। टीम ने करीब 545 किलोग्राम संदिग्ध सिंथेटिक पनीर बरामद किया, जो अत्यधिक बदबूदार और खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। जांच के बाद पूरे पनीर को मौके पर ही जेसीबी की मदद से गड्ढा खोदकर नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से त्योहारों और सामान्य दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि किशनगढ़ बास पुलिस नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध सफेद रंग की ईको कार (RJ 40 CB 9889) पर पड़ी। वाहन को रोककर तलाशी लेने पर उसमें प्लास्टिक की 15 बड़ी कैन रखी मिलीं। जब इन कैनों को खोला गया तो उनमें भारी मात्रा में कथित सिंथेटिक पनीर भरा हुआ था, जिससे तेज और असहनीय दुर्गंध आ रही थी।
पूछताछ में सामने आया कहां ले जाया जा रहा था पनीरपुलिस ने मौके पर वाहन में सवार दोनों युवकों से पूछताछ की। आरोपियों की पहचान आदिल खान (25 वर्ष) और मुनव्वर (20 वर्ष) के रूप में हुई, जो तिजारा क्षेत्र के जरौली गांव के निवासी बताए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे इस पनीर को हरियाणा के नारनौल और राजस्थान के झुंझुनूं जिले के आसपास के इलाकों में 180 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बेचने के लिए लेकर जा रहे थे।
बयानों के बाद पुलिस को मिलावट की आशंका और गहरा गई। इसके तुरंत बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने पनीर की विस्तृत जांच शुरू की।
जांच में अमानक और सिंथेटिक पाया गया पनीरखाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान पाया कि बरामद पनीर पूरी तरह अमानक, सिंथेटिक, गंदा और अत्यधिक बदबूदार था। प्रारंभिक जांच में इसे मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री लोगों के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है और इसे किसी भी स्थिति में बाजार तक पहुंचने नहीं दिया जा सकता।
एफएसएसएआई नियमों के तहत लिए गए सैंपलकानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) 2006 के प्रावधानों के अनुसार पनीर के विधिवत नमूने लिए। इन सैंपलों को आगे की प्रयोगशाला जांच के लिए सुरक्षित किया गया, ताकि रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।
जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही किया नष्टसैंपलिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई की। मौके पर जेसीबी मशीन मंगवाई गई, जिसके जरिए एक गहरा गड्ढा खोदा गया। इसके बाद करीब 545 किलोग्राम बदबूदार और संदिग्ध सिंथेटिक पनीर को उसी गड्ढे में दबाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, ताकि यह किसी भी रूप में बाजार तक न पहुंच सके।
इस संयुक्त अभियान के दौरान किशनगढ़ बास पुलिस की आरपीएस नेहा, थानाधिकारी बनवारी लाल, महिपाल, सुभाष यादव सहित खाद्य सुरक्षा विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस मिलावटी पनीर के नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा इसकी सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी।