राजधानी जयपुर में मोहर्रम का पर्व 6 जुलाई को श्रद्धा, संयम और सुरक्षा के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों से ताजिए निकाले जाएंगे, जिन्हें लेकर आमजन की भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी पुलिस प्रशासन ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े और पुख्ता इंतजाम किए हैं।
जहां एक ओर लोग अपने धर्म और आस्था के अनुसार ताजिए के साथ मातम मनाते हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करे। ऐसे में जयपुर पुलिस इस बार सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक चौकस है। असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के लिए न केवल पुलिस, आरएसी और होमगार्ड के जवान तैनात रहेंगे, बल्कि सादा वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जो आमजन में घुल-मिलकर सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
जयपुर का अभय कमांड सेंटर, जो पूरे शहर पर डिजिटल निगरानी रखता है, वह इस बार भी हर चप्पे-चप्पे की निगरानी करेगा। साथ ही, सोशल मीडिया पर भी हर गतिविधि पर नजर रहेगी, ताकि अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों ने दिए सख्त और स्पष्ट निर्देशअतिरिक्त पुलिस कमिश्नर (कानून-व्यवस्था) डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि मोहर्रम के मद्देनज़र आयुक्तालय के सभी जिलों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिस लाइन से लेकर थानों तक, हर स्तर पर जाप्ता लगाया जाएगा, जिससे कि कोई भी स्थिति बेकाबू न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि इस बार भीड़भाड़ और ट्रैफिक व्यवस्था पर खास फोकस किया गया है, ताकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। त्योहार के दौरान न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बल्कि सड़क पर चल रहे सामान्य नागरिकों की भी सहूलियत प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।
शांति समिति और सीएलजी की हुई बैठकेंडॉ. सिंह ने बताया कि मोहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर शांति समिति और सीएलजी (सिटीजन लॉयजन ग्रुप) की कई बैठकों का आयोजन किया गया है। ये बैठकें न केवल थानों और जिलों स्तर पर, बल्कि आयुक्तालय स्तर पर भी आयोजित की गई हैं।
ताजिए निकालने वालों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। केवल लाइसेंसधारी ताजियों को ही अनुमति दी गई है, जिससे कोई अव्यवस्था न फैले। थानाधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निगरानी और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर बारीकी से नजर रखें।
भीड़ प्रबंधन और साइबर निगरानी भी मजबूतअधिकारी ने बताया कि मोहर्रम के दौरान भीड़ अधिक रहने की संभावना है, इसलिए भीड़ नियंत्रण को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई है। यातायात को सुगम बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन और ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की जा रही है।
इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर अफवाहें या भड़काने वाली पोस्ट डालने वालों पर पुलिस की साइबर सेल की टीम कड़ी नजर रखेगी। साथ ही, सादा वर्दी में अलग से टीमें तैनात रहेंगी, जो शरारती तत्वों पर बारीकी से नजर रखेंगी। अगर कोई व्यक्ति माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, तो समय रहते उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।