जयपुर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अब बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। पिंकसिटी में गुलाबी रंग की इलेक्ट्रिक बसों का तीन दिवसीय ट्रायल गुरुवार से शुरू कर दिया गया है। यह परीक्षण आगामी तीन दिनों तक चलेगा। ट्रायल सफल रहने पर शहर में चरणबद्ध तरीके से 300 ई-बसें संचालित की जाएंगी। फिलहाल दो बसें जयपुर पहुंच चुकी हैं और इन्हीं से प्रारंभिक परीक्षण किया जा रहा है।
जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (JCTSL) के मुख्य वित्तीय अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता के अनुसार, यह पहल भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस योजना के अंतर्गत की जा रही है। मानसरोवर स्थित अग्रवाल फार्म से ट्रायल रन की शुरुआत की गई। परीक्षण के दौरान बसों में यात्रियों को बैठाने के बजाय उनके अनुमानित वजन के बराबर मिट्टी के कट्टे रखे गए, ताकि वास्तविक परिस्थितियों का आकलन किया जा सके।
9 और 12 मीटर की बसों का हो रहा परीक्षणइस समय 12 मीटर और 9 मीटर लंबाई की दो ई-बसें परीक्षण में शामिल हैं। ट्रायल के दौरान बसों की बैटरी क्षमता, संचालन प्रणाली, ब्रेकिंग, रूट परफॉर्मेंस और यात्री सुविधाओं की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही बगराना और टोडी डिपो में आवश्यक ढांचागत तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।
यदि यह परीक्षण सफल रहता है तो पहले चरण में दोनों डिपो को 75-75 बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। ट्रायल समाप्त होने के लगभग 45 दिनों के भीतर 150 ई-बसें जयपुर को मिल सकती हैं। इसके बाद दूसरे चरण में 168 और बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी, जिससे कुल संख्या 300 के पार पहुंच जाएगी।
चार्जिंग ढांचे और रखरखाव की तैयारीअधिकारियों का कहना है कि जून तक जयपुर में 318 ई-बसों के संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए चार्जिंग स्टेशन, बैटरी बैकअप और मेंटिनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम किया जा रहा है।
केंद्र सरकार ने स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान को 675 ई-बसें देने की योजना बनाई है। इनमें से 300 बसें जयपुर को प्राथमिकता के आधार पर दी जानी हैं। पहले चरण में सीएनजी बसों के विस्तार की योजना थी, लेकिन अब फोकस पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों पर केंद्रित कर दिया गया है।
आठ शहरों को मिली स्वीकृतिजयपुर के अलावा जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर सहित कुल आठ शहरों के लिए ई-बसों की मंजूरी दी गई है। पहले चरण में 675 बसों को स्वीकृति मिल चुकी है।
JCTSL ने संबंधित फर्म के साथ 7 जुलाई 2025 को अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। अनुमान है कि अप्रैल 2026 से इन ई-बसों का नियमित संचालन शुरू हो सकता है।
ट्रायल के दौरान यात्रियों के स्थान पर मिट्टी के कट्टे रखकर परीक्षण करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बसें वास्तविक भार में भी सुचारु रूप से संचालित हों। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो आने वाले समय में जयपुर की सड़कों पर आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और गुलाबी रंग की ई-बसें आमजन की यात्रा को और सुगम बनाएंगी।