जयपुर सेशन कोर्ट को फिर मिली बम से उड़ाने की धमकी, जांच में नहीं मिला कुछ संदिग्ध

जयपुर। राजस्थान की राजधानी एक बार फिर बम धमकी के आतंक से दहल उठी। इस बार निशाना बना है बनीपार्क स्थित जयपुर सेशन कोर्ट, जिसे सोमवार को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी की खबर मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और सिविल डिफेंस टीम मौके पर पहुंच गई। कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली करवा लिया गया और चप्पे-चप्पे की सघन तलाशी ली गई। राहत की बात ये रही कि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।

ईमेल के जरिए भेजी गई धमकी, पुलिस ने तुरंत संभाला मोर्चा

बनीपार्क थाना प्रभारी बृजमोहन कविया के अनुसार, सेशन कोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक संदिग्ध मेल आया, जिसमें परिसर में बम होने की बात कही गई थी। कोर्ट प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सभी सुरक्षात्मक उपाय सक्रिय कर दिए गए। पूरा परिसर खाली करवाकर सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया।

पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां

यह पहली बार नहीं है जब जयपुर के न्यायिक परिसर को धमकी मिली हो। 29 मई 2025 को जयपुर फैमिली कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उस वक्त मेल भेजने वाले ने खुद को पूर्व नक्सली बताया था। उसी तर्ज पर इस बार भी मेल आया है, हालांकि अब तक मेल भेजने वाले की पहचान नहीं हो पाई है।
SMS स्टेडियम, मेट्रो, स्कूल और अस्पतालों को भी मिल चुकी हैं धमकियां

जयपुर में बीते कुछ महीनों में धमकी भरे ईमेल भेजे जाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इससे पहले सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS), जयपुर मेट्रो स्टेशन, निजी स्कूल, अस्पताल और यहां तक कि ईएसआईसी हॉस्पिटल और द पैलेस स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकियां दी जा चुकी हैं। हाल ही में SMS स्टेडियम को लगातार पांच बार धमकी मिल चुकी है, परंतु हर बार जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता

लगातार धमकी भरे मेल्स मिलने से पुलिस और खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल पुलिस इस ईमेल की आईपी ट्रैकिंग और सोर्स की जांच कर रही है। मामले को साइबर सेल और एटीएस (ATS) को भी सौंपा गया है। सवाल यह भी उठता है कि बार-बार एक ही तरह की धमकियां मिलने के बावजूद दोषियों तक पहुंचने में देरी क्यों हो रही है?

जयपुर जैसे संवेदनशील शहर में लगातार हो रही बम धमकी की घटनाएं केवल अफवाह नहीं मानी जा सकतीं। भले ही अभी तक कोई वास्तविक विस्फोटक नहीं मिला है, लेकिन हर बार सुरक्षा संसाधनों का बड़ा इस्तेमाल करना पड़ रहा है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। अब समय आ गया है कि राज्य सरकार और खुफिया एजेंसियां मिलकर ऐसे मामलों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि आम जनता और संस्थानों में सुरक्षा का विश्वास कायम रह सके।