जयपुर में बसों की छतों पर सामान रखने पर सख्त पाबंदी, 20 उड़न दस्ते करेंगे निगरानी, नियम तोड़ने पर तुरंत होगी कार्रवाई

जयपुर में हाल ही में हुई एक दर्दनाक बस दुर्घटना के बाद परिवहन विभाग ने बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब शहर में किसी भी बस की छत पर सामान रखकर यात्रा करना पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा। मनोहरपुर में हुई उस भीषण बस दुर्घटना के बाद यह फैसला लिया गया है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और छह यात्री घायल हुए थे। दुर्घटना की वजह बस की छत पर रखे भारी सामान को बताया गया है।

“नो लगेज अभियान” की हुई शुरुआत

जयपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंगलवार शाम से विशेष “नो लगेज अभियान” शुरू करने का ऐलान किया है। इस अभियान के तहत अब कोई भी बस ऑपरेटर अपनी गाड़ी की छत पर सामान नहीं रख सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि हादसे की प्राथमिक जांच से स्पष्ट हुआ कि बसों की छतों पर ओवरलोडिंग न केवल अवैध है बल्कि जानलेवा भी साबित हो रही है।

जयपुर आरटीओ प्रथम ने बताया कि यह अभियान तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी बस संचालकों को लिखित निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई होगी।

उड़न दस्ते रहेंगे अलर्ट

इस अभियान की निगरानी के लिए 20 विशेष उड़न दस्ते (Flying Squads) गठित किए गए हैं, जो शहर के प्रमुख बस स्टैंडों और हाईवे पर लगातार निगरानी रखेंगे। यदि किसी बस की छत पर सामान पाया गया, तो बस को मौके पर जब्त कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि दस्तों को किसी भी प्रकार की लापरवाही या सिफारिश से बचने और सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

हादसे की वजह — छत पर रखा सामान और हाईटेंशन वायर

हालिया दुर्घटना मनोहरपुर इलाके में उस समय हुई जब एक प्राइवेट बस, जिसमें लगभग 60 से 65 मज़दूर सफर कर रहे थे, गांव की ओर कच्चे रास्ते से गुजर रही थी। बस की छत पर रखा सामान 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया, जिससे करंट फैल गया और बस में आग लग गई।

बस में न सिर्फ यात्रियों का सामान था बल्कि 15 एलपीजी सिलेंडर और दोपहिया वाहन भी रखे हुए थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हालांकि, स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दो लोगों की मौत हो चुकी थी।

हादसों पर लगेगा ब्रेक

परिवहन विभाग का मानना है कि यह अभियान सड़क सुरक्षा के लिए एक अहम कदम साबित होगा। जयपुर आरटीओ का कहना है कि “बसों की छत पर सामान रखना पूरी तरह से गैरकानूनी है और इससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती है। अब इस पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू की जाएगी।”