जयपुर। श्रावण मास का अंतिम सोमवार आज शिवभक्ति में पूरी तरह डूबा नजर आया। सुबह से ही राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर गली-मोहल्ले में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे। भक्तों ने जल, दूध, बेलपत्र और पुष्प अर्पित कर भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया।
छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध गुलाबी नगरी जयपुर में ताड़केश्वर महादेव, रोजगारेश्वर महादेव, झारखंड महादेव, चमत्कारेश्वर महादेव सहित कई मंदिरों में लंबी कतारें सुबह से ही लग गईं। विशेष बात यह रही कि गलता जी से निकली कांवड़ यात्रा ने पूरे शहर को शिवमय कर दिया। नंगे पांव कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालु गलियों से होकर मंदिरों तक पहुंचे, साथ में गूंजते रहे – “बम बम भोले”।
बुजुर्गों की आंखों में गहराती आस्था और बच्चों के चेहरों पर पहली कांवड़ यात्रा का उत्साह देखने लायक था। हर कोना, हर चेहरा आज भोलेनाथ की भक्ति में रंगा हुआ दिखा।
देशभर में दिखी शिवभक्ति की लहरसिर्फ जयपुर ही नहीं, बल्कि देशभर के प्रमुख शिवधामों – जैसे बाबा वैद्यनाथ (देवघर), केदारनाथ (उत्तराखंड), काशी विश्वनाथ (वाराणसी), महाकालेश्वर (उज्जैन) और सोमनाथ (गुजरात) – में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। इन स्थानों पर महादेव का भव्य श्रृंगार हुआ और सुबह से देर रात तक रुद्राभिषेक और दर्शन का क्रम जारी रहा।
अंतिम सोमवार के उपाय और महत्त्वपंडितों के अनुसार सावन का अंतिम सोमवार विशेष फलदायक माना गया है।
—रुद्राभिषेक करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
—बेलपत्र पर सफेद चंदन से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर अर्पित करना अति शुभ होता है।
—दान और सेवा, जैसे अन्न या वस्त्र का दान, पुण्य देने वाला माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएंराज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सावन के अंतिम सोमवार की शुभकामनाएं सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, “भोलेनाथ का आशीर्वाद समस्त प्रदेशवासियों पर बना रहे, यही प्रार्थना करता हूं।” वे आज मुख्यमंत्री निवास स्थित शिव मंदिर में रुद्राभिषेक करेंगे।