जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार सुबह राजधानी जयपुर के कई राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई खामियां और लापरवाहियां देखने को मिलीं। मंत्री ने मौके पर ही नाराजगी जताई और संबंधित शिक्षकों व प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई।
निरीक्षण का क्रमशिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने गुरुवार सुबह राजधानी जयपुर के विभिन्न राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस क्रम में वे सबसे पहले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वाटर वर्क्स (पानीपेच) पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसके बाद वे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मुरलीपुरा बीड़ पहुंचे और अंत में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय द्वारिकापुरी पहुंचे, जहां की स्थिति देखकर वे हैरान रह गए।
मोबाइल पर व्यस्त शिक्षक, निरुत्तर छात्रनिरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि कुछ शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के बजाय मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त थे। इस पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई और सवाल किया कि जब शिक्षक ही अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे संवर सकेगा। वहीं, जब उन्होंने छात्रों से प्रार्थना सुनाने को कहा, तो बच्चे चुप रह गए। इतना ही नहीं, कक्षा 9 के छात्र देश के प्रधानमंत्री का नाम तक नहीं बता पाए। इस पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर लापरवाही करार दिया और कहा कि ऐसे हालात में बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ रहा है।
गंदगी और अव्यवस्था पर नाराजगीनिरीक्षण के दौरान कक्षाओं और प्रांगण में गुटखे और चिप्स की खाली थैलियां बिखरी मिलीं। मंत्री ने खुद एक थैली उठाकर शिक्षकों को दिखाई और सवाल किया कि क्या यही सफाई है स्कूल की? उन्होंने साफ-सफाई और बुनियादी शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
सख्त चेतावनीमंत्री मदन दिलावर ने साफ किया कि लापरवाह शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं है और भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाई जा सके।