CM भजनलाल शर्मा का कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख, कहा—संसाधन की कोई कमी नहीं, लेकिन लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को प्रदेश की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराने को तैयार है, लेकिन किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि पुलिसिंग में ढिलाई या अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि थानों में दर्ज एफआईआर का समयबद्ध तरीके से अनुसंधान सुनिश्चित किया जाए और हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना था कि अपराध पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई से ही पीड़ित को न्याय मिल सकता है, इसलिए प्राथमिकता अपराध की शुरुआत में ही उसे रोकने की होनी चाहिए।

स्थानीय स्तर पर जनसुनवाई और रिपोर्टिंग सिस्टम मजबूत करने के निर्देश

सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर जिले में स्थानीय स्तर पर नियमित जनसुनवाई की जाए और अपराध व मामलों के निस्तारण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस अधीक्षक अपने-अपने थानों का नियमित निरीक्षण करें, जबकि पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर के अधिकारी भी समय-समय पर जिलों का दौरा सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उच्च अधिकारियों की सक्रिय निगरानी से पुलिस व्यवस्था अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।
साइबर अपराध पर विशेष फोकस और आधुनिक प्रशिक्षण की जरूरत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस तंत्र को आधुनिक और सक्षम बनाने पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि साइबर अपराध की लगातार उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाए और पीड़ितों से सीधा संवाद स्थापित किया जाए ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान हो सके।

उन्होंने पुलिसकर्मियों को भारतीय न्याय संहिता और साइबर अपराध नियंत्रण से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग देने के निर्देश भी दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा कि एफआईआर, ई-एफआईआर और चार्जशीट से जुड़े सभी रिकॉर्ड समय-समय पर अपडेट किए जाएं।

नशा तस्करी और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई के निर्देश


सीएम ने मादक पदार्थों की तस्करी को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी जरूरी है ताकि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

इसके अलावा उन्होंने गैंगस्टर नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े स्थानीय तंत्र को पूरी तरह खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया।

पुलिस की भूमिका और जनसंपर्क पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि समाज की सुरक्षा की बड़ी जिम्मेदारी भी निभाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने में भी बेहतर कानून व्यवस्था की अहम भूमिका होती है।

उन्होंने पुलिसकर्मियों को आम जनता के साथ व्यवहार में संवेदनशील और सतर्क रहने की सलाह दी और कम्युनिटी पुलिसिंग को और मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सीएलजी (CLG) समितियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।