सवाईमाधोपुर (राजस्थान): राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को सवाईमाधोपुर और उसके आसपास के अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने जनसंवाद और एक सभा को भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन नागरिकों को भारी वर्षा के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है, उन्हें राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने जनसुनवाई के दौरान सुदूर गांवों से आए लोगों की बात ध्यान से सुनी और उनकी समस्याओं पर आधारित ज्ञापन स्वयं स्वीकार किए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों और समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए।
ईआरसीपी बांध से क्षेत्र में आएगी खुशहालीमुख्यमंत्री शर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सवाईमाधोपुर जिले में प्रस्तावित ईआरसीपी परियोजना के अंतर्गत एक विशाल बांध का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे आने वाले वर्षों में जलापूर्ति की समस्या से राहत मिलेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और इस जनहितकारी परियोजना में सरकार का साथ दें। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह परियोजना पूरे क्षेत्र को खुशहाल बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
भारी वर्षा से हुआ नुकसान – मुआवज़े की गारंटीमुख्यमंत्री ने बताया कि अतिवृष्टि के चलते कई परिवारों को अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ी है — मवेशी बह गए, खेतों में फसलें तबाह हो गईं और सड़कों व पुलियों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने दोहराया कि नुकसान की पूरी भरपाई राज्य सरकार करेगी और किसी भी पीड़ित को निराश नहीं किया जाएगा।
सरकारी भर्ती जल्द, युवाओं को मिलेगा रोजगारमुख्यमंत्री ने बेरोजगारी पर बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही विभिन्न विभागों में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करेगी। इससे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की मांग: अमरूद प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना जरूरीआपदा प्रबंधन व कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने जनसभा में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सवाईमाधोपुर में अमरूद की भरपूर पैदावार को देखते हुए एक फल प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम स्थानीय किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मददगार होगा।
डॉ. मीणा ने ईआरसीपी परियोजना के विरोध को निराधार बताते हुए कहा कि इससे न केवल पीने के पानी की समस्या हल होगी, बल्कि सिंचाई और विकास के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध से प्रभावित गांवों के लोगों को मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाएगा।
सूरवाल बांध से बहते अतिरिक्त पानी को बनास नदी में मोड़ने की मंजूरीडॉ. मीणा ने सूरवाल बांध के ओवरफ्लो से हो रहे नुकसान की ओर ध्यान आकर्षित किया और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि अतिरिक्त जल को बनास नदी में प्रवाहित करने की योजना बनाई जाए। मुख्यमंत्री ने इस सुझाव को तुरंत स्वीकार कर उसे अमल में लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अतिवृष्टि से किसानों की फसलें, पशुधन और आधारभूत ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शीघ्रता से क्षति आकलन कर राहत राशि जारी करें।
धौलपुर में भी लिया बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजामुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सवाईमाधोपुर और करौली के दौरे के बाद धौलपुर का हवाई निरीक्षण किया। चंबल और पार्वती नदियों में आई बाढ़ से प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने वहां राहत व पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री के साथ इस दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक और जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार मौजूद रहे। धौलपुर पहुंचने पर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह, जिलाधिकारी श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने उनका स्वागत किया।
धौलपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा मिलेगा। साथ ही, उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों पर सप्ताह में पांच दिन बच्चों को दूध पिलाने का आदेश भी जारी किया।