बजट पेश होने के बाद दिया कुमारी का पहला बयान- 'नकल रोकने के लिए ला रहे नई एजेंसी'

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश होने के बाद उप-मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अपना पहला बयान जारी किया। उन्होंने इसे एक “दूरदर्शी बजट” करार दिया और कहा कि यह हर वर्ग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बजट का आकार पिछले बजट की तुलना में बड़ा है और इसमें केंद्र की योजनाओं को प्रदेश स्तर पर मजबूत करने का विशेष ध्यान रखा गया है।

वित्त मंत्री ने ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत कर्ज की सीमा बढ़ाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार शैक्षिक परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए सरकार गंभीर कदम उठा रही है और इसके लिए नई एजेंसी लाई जाएगी, जिसका कार्यक्षेत्र व्यापक होगा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इसका उद्देश्य साफ है – नकल और अनियमितताओं को पूरी तरह से रोकना।

बजट की 10 प्रमुख घोषणाएं

युवाओं के लिए अवसर:
राज्य में 1 लाख नई सरकारी नौकरियों का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मेधावी छात्रों को टैबलेट खरीदने के लिए 20,000 रुपये का ई-वाउचर दिया जाएगा।

परीक्षाओं में पारदर्शिता:
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तर्ज पर ‘राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी’ का गठन किया जाएगा, जिससे परीक्षाओं में नकल और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा।

किसानों को बढ़ावा:
राज्य के 65 लाख किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 12,000 रुपये वार्षिक (6,000 केंद्र + 6,000 राज्य) किया गया है।

ग्रामीण महिलाओं का सशक्तिकरण:
‘लखपति दीदी’ योजना के तहत ब्याज मुक्त ऋण की सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की गई है, जिससे ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें।

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार:
अब बिना किसी दस्तावेज के भी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज मिलेगा। जयपुर में 500 बेड वाला नया अस्पताल स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशन लाभ:
सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन हेतु उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 15% की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।

जल जीवन मिशन:
मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन के अंतर्गत 6,500 गांवों को नल कनेक्शन से जोड़ा जाएगा, जिसके लिए 4,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

सड़क और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर:
सड़कों की मरम्मत के लिए 10,400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। प्रदेश में 15 नए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र में निवेश:
बीकानेर और जैसलमेर में नए सोलर पार्क विकसित करने के लिए 3,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे प्रदेश बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

पर्यटन और धार्मिक स्थल विकास:
खाटू श्यामजी, पुष्कर और देशनोक जैसे धार्मिक स्थलों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा जैसलमेर के खुरी में अल्ट्रा लग्जरी पर्यटन जोन विकसित किया जाएगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।