राजस्थान के प्रतापगढ़ ज़िले में सांवलिया सेठ के दर्शन के लिए जा रहे एक परिवार पर दुखद हादसा टूट पड़ा। मंगलवार रात धरियावद क्षेत्र के पिपलिया निवासी 13 श्रद्धालु बोलेरो में सवार होकर मंदिर जा रहे थे, तभी वाकली पुलिया पर वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और बरसाती नाले में जा गिरा। हादसे में चालक मांगीलाल मीणा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
हादसे की रात और दर्दनाक पलमंगलवार, 2 सितंबर की रात श्रद्धालुओं की यात्रा अचानक त्रासदी में बदल गई। बोलेरो जब वाकली पुलिया पर पहुंची तो तीखे मोड़ पर चालक संतुलन खो बैठा। गाड़ी पुलिया से नीचे पलट गई और नाले के पानी में फंस गई। उस समय नाले में करीब दो फीट पानी बह रहा था, जिससे वाहन का संतुलन और बिगड़ गया।
घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गयास्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बोलेरो को सीधा करने की कोशिश की और घायलों को बाहर निकाला। निजी वाहनों की मदद से सभी को धरियावद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। यहां चिकित्सकों ने चालक मांगीलाल मीणा को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर किया गया।
प्रशासन और पुलिस मौके परहादसे की सूचना मिलते ही धरियावद एसडीएम सत्यनारायण विश्नोई, डीएसपी नानालाल सालवी, पूर्व विधायक नगराज मीणा और थानाधिकारी कमलचंद मीणा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना की जानकारी ली। एक घायल युवक ने बताया कि वाकली पुलिया पर विकट मोड़ के कारण सामने से अचानक तेज रफ्तार वाहन आ गया, जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया और यह भीषण हादसा हो गया।
वाकली पुलिया: हादसों का काला मोड़धरियावद से करीब 10 किलोमीटर दूर सीतामाता वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र में स्थित वाकली पुलिया लंबे समय से हादसों का गवाह रही है। यहां सड़क का मोड़ इतना तीखा और अंधा है कि हर साल कोई न कोई दुर्घटना घट जाती है। इस पुलिया पर सुरक्षा के लिए न तो दीवार है और न ही बैरिकेड्स। स्थानीय लोग लगातार पुलिया के दोनों ओर ऊंची दीवार बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में ऐसे हादसे रोके जा सकें।