जोधपुर में भजनलाल शर्मा का भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद, पंचायत चुनाव के लिए ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ पर जोर

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार, 30 सितंबर को जोधपुर के मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में जोधपुर और फलोदी जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं से संवाद किया। बैठक में उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ के मंत्र के साथ सक्रिय होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ गांव-ढाणी तथा हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम में पंचायत चुनावों में स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर भी जोर रहा।

जोधपुर और फलोदी के निकाय चुनाव परिणाम का किया उल्लेख


मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान जोधपुर और फलोदी में हाल में हुए निकाय चुनावों के परिणामों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जोधपुर के सात में से छह निकायों और फलोदी के दोनों निकायों में भाजपा ने जीत दर्ज की है। शर्मा ने इन परिणामों को सरकार के कामकाज के प्रति जनता के विश्वास से जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से पंचायत चुनावों के लिए भी नए संकल्प और उत्साह के साथ तैयारी करने का आह्वान किया।

इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने राजस्थान में पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर सक्रिय रहने और सरकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने की अपील की थी। 28 सितंबर को खैरथल-तिजारा में कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने ‘मेरा बूथ-सबसे मजबूत’ के मंत्र के साथ बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की बात कही थी।

सरकार की योजनाओं को गांव-ढाणी तक पहुंचाने पर जोर

भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के लिए राष्ट्र सेवा प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ उन्होंने कार्यकर्ताओं से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांवों, ढाणियों और प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने को कहा। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे और विकसित राजस्थान के संकल्प को आम लोगों तक ले जाया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चल रही ‘डबल इंजन’ सरकार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास को आगे बढ़ाने के लिए सरकार विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है। हालांकि, उनके संबोधन में जिन विकास कार्यों के आंकड़ों का उल्लेख किया गया, वे क्षेत्रवार परियोजनाओं और खर्च से संबंधित थे।

जोधपुर संभाग में 61,671 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जोधपुर संभाग के समग्र विकास के लिए सरकार ने करीब पौने तीन वर्षों में 61,671 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को गति दी है। उनके मुताबिक, जोधपुर जिले में लगभग 7,000 करोड़ रुपये और फलोदी जिले में 2,023 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। ये आंकड़े मुख्यमंत्री के कार्यकर्ता संवाद में सरकार की ओर से रखे गए विकास संबंधी दावों का हिस्सा हैं।

जोधपुर संभाग में विकास कार्यों को लेकर सरकार की ओर से हाल के दिनों में भी कई परियोजनाओं का उल्लेख किया गया है। 30 सितंबर को मुख्यमंत्री ने संभाग के आठ जिलों के लिए 2,824 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 1,013 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया था। सरकार के अनुसार, इनमें बिजली, चिकित्सा, सड़क, पेयजल, ग्रामीण ढांचे और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों के कार्य शामिल हैं।
सेवा गतिविधियों में भागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने को कहा। उन्होंने स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।

उनका कहना था कि संगठन की गतिविधियों के साथ सामाजिक सेवा के कामों के जरिए भी कार्यकर्ताओं को आम लोगों से जुड़ना चाहिए। इस दौरान सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने और विकास से जुड़े संदेश को समाज के विभिन्न वर्गों तक ले जाने पर जोर दिया गया।

पंचायत चुनाव के लिए बूथ स्तर पर सक्रियता का संदेश

कार्यकर्ताओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ के मंत्र के साथ पूरी ताकत से जुटने और पंचायत स्तर पर भी संगठन को मजबूत करने की बात कही।

शर्मा ने पंचायतों में ‘ट्रिपल इंजन’ सरकार बनाने का आह्वान भी किया। यह उनके संबोधन में स्थानीय निकाय और पंचायत स्तर तक भाजपा की राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया गया राजनीतिक संदेश था।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं की मेहनत, सरकार के विकास कार्यों, नीतियों और सुशासन को पंचायत चुनाव की तैयारियों से जोड़ते हुए भाजपा के लिए जनसमर्थन मिलने की उम्मीद जताई। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक आकलन और कार्यकर्ताओं के लिए चुनावी संदेश था, न कि किसी चुनाव परिणाम का स्थापित तथ्य।