जोधपुर के AIIMS में रेजिडेंट डॉक्टर राज नरेश यादव की मौत के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। डॉक्टरों ने मृतक के परिवार को ₹5 करोड़ मुआवजा देने समेत कई मांगें रखी हैं। हड़ताल के दौरान नियमित OPD सेवाएं बंद हैं, जबकि इमरजेंसी OPD और इमरजेंसी सर्जरी जारी रखी गई हैं।
रेजिडेंट डॉक्टरों ने संस्थान प्रशासन से सार्वजनिक माफी और घटना को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है। इसके अलावा मृतक डॉक्टर के परिवार को लागू लाभ, लंबित देय राशि, बीमा और अन्य संस्थागत सहायता देने की मांग भी की गई है। डॉक्टरों ने कार्यकारी निदेशक की जवाबदेही और उनके इस्तीफे की मांग भी रखी है।
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्रों के काम के घंटे, कार्यभार और काम करने की परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और स्टूडेंट यूनियन को संस्थान के प्रतिनिधि निकाय के तौर पर औपचारिक मान्यता देने तथा प्रशासन और इन संगठनों के बीच नियमित संवाद की मांग की है।
कैसे हुई डॉक्टर की मौतडॉ राज नरेश यादव AIIMS जोधपुर के एनेस्थीसिया विभाग में प्रथम वर्ष के रेजिडेंट डॉक्टर थे और उनकी उम्र 31 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वह 22 सितंबर को ऑपरेशन थिएटर में ड्यूटी पर थे। दोपहर करीब एक बजे ब्रेक के दौरान वह वॉशरूम गए, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। सहकर्मियों ने उनकी तलाश शुरू की और वॉशरूम के अंदर उनका फोन बजता सुना। दरवाजा खोलने पर वह बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें इमरजेंसी विभाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, वॉशरूम में कुछ सिरिंज मिली थीं और प्रारंभिक जांच में आशंका है कि डॉक्टर ने खुद कोई घातक दवा इंजेक्ट की हो सकती है। हालांकि, मौत के कारणों की जांच अभी जारी है। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
प्रशासन से क्या मांग कर रहे हैं डॉक्टररेजिडेंट डॉक्टरों की प्रमुख मांगों में मृतक के परिवार के लिए ₹5 करोड़ का मुआवजा, परिवार को सभी लागू लाभ और लंबित देय राशि देना, बीमा तथा अन्य संस्थागत सहायता उपलब्ध कराना शामिल है। डॉक्टर प्रशासन से सार्वजनिक माफी और घटना को लेकर जवाबदेही तय करने की भी मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संस्थागत स्तर पर कदम उठाने और रेजिडेंट डॉक्टरों तथा छात्रों की कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग भी की है। AIIMS प्रशासन की ओर से इन मांगों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया की पुष्टि ताजा रिपोर्टों में नहीं हुई है।
फिलहाल हड़ताल के बीच नियमित OPD सेवाएं बंद हैं, जबकि इमरजेंसी मरीजों का इलाज और इमरजेंसी सर्जरी जारी है। डॉक्टर की मौत से जुड़े मामले में पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।