पंजाब के संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव में दिहाड़ी मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव बढ़ गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी पर गुलजार सिंह की मौत को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया था।
पवन खेड़ा ने पंजाब में ड्रग्स की समस्या और उसकी तस्करी को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में ड्रग्स तस्करी के मामलों की दर देश में सबसे ज्यादा रही। खेड़ा ने केजरीवाल से सरकार की ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ मुहिम के नतीजों को लेकर जवाब मांगा।
पवन खेड़ा ने केजरीवाल पर साधा निशानाकांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि पंजाब में AAP सरकार की कथित नाकामियों की जिम्मेदारी दूसरों पर डालना आसान है। उन्होंने कहा कि पंजाब केवल ड्रग्स के इस्तेमाल की समस्या से ही नहीं जूझ रहा, बल्कि उनके मुताबिक AAP सरकार के कार्यकाल में ड्रग्स तस्करी के मामलों में भी राज्य की स्थिति गंभीर रही है।
खेड़ा ने NCRB के 2023 के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में ड्रग्स तस्करी के मामलों की दर प्रति लाख आबादी पर 25.3 केस रही, जबकि ड्रग्स के इस्तेमाल से जुड़े मामले प्रति लाख आबादी पर 12.4 थे।
कांग्रेस नेता ने केजरीवाल से सवाल किया कि आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से प्रचारित ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ अभियान के बावजूद ठोस नतीजे क्यों नहीं दिखाई दिए। उन्होंने इस अभियान की तुलना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ मुहिम से करते हुए बड़े ऐलानों और वास्तविक नतीजों पर सवाल उठाया। खेड़ा ने यह भी पूछा कि क्या AAP और BJP के बीच कोई अंदरूनी समझौता है।
गुलजार सिंह की मौत पर क्या है विवाद?विवाद की शुरुआत राहुल गांधी की उस पोस्ट के बाद हुई, जिसमें कांग्रेस ने गुलजार सिंह को लेकर पंजाब की AAP सरकार पर आरोप लगाए थे। कांग्रेस की ओर से साझा किए गए पोस्ट में दावा किया गया कि गुलजार सिंह ने पंजाब सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा से नशे की समस्या को लेकर सवाल किया था और इसके बाद उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया गया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकारी नाकामी पर सवाल उठाने के बाद गुलजार सिंह को कथित तौर पर प्रताड़ित और अपमानित किया गया तथा उनसे माफी मांगने का दबाव बनाया गया। कांग्रेस के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने जहर खा लिया और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाए जाने के दौरान इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई।
राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इससे पहले मोहनजीत सिंह नाम के एक युवक से बात की थी, जिसे मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन करने के कारण कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया था।
राहुल गांधी के आरोपों पर केजरीवाल का जवाबराहुल गांधी की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की समस्या कांग्रेस, अकाली दल और बीजेपी की पिछली सरकारों के दौरान आई। उनका कहना था कि मौजूदा पंजाब सरकार इन दलों के कार्यकाल में फैली नशे की समस्या को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
गुलजार सिंह की मौत को लेकर लगाए गए आरोपों पर केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार के किसी मंत्री या विधायक का उनकी मौत से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से गांव जाकर स्थिति देखने और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि जब कांग्रेस के विधायक गुलजार सिंह की मौत के बाद गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें वहां से निकाल दिया। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों को गलत बताया।
राहुल गांधी ने पंजाब सरकार से क्या मांग की?राहुल गांधी ने पंजाब की AAP सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सरकार के कामकाज में एक चिंताजनक पैटर्न दिखाई दे रहा है। उनका आरोप था कि सरकार से सवाल करने वालों को जवाब देने के बजाय धमकाने और प्रताड़ित करने का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने गुलजार सिंह के परिवार के लिए न्याय की मांग की। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का इस्तीफा लेने और मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग भी की। उन्होंने यह भी कहा कि जांच से जुड़ी FIR में वित्त मंत्री का नाम दर्ज होना चाहिए।
कांग्रेस ने वीडियो जारी कर लगाए आरोपकांग्रेस ने गुलजार सिंह से जुड़ा एक वीडियो भी साझा किया। पार्टी का दावा है कि यह वीडियो उनकी मौत से पहले का है और इसमें गुलजार सिंह AAP सरकार के मंत्री हरपाल सिंह चीमा को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने के बाद गुलजार सिंह पर दबाव बनाया गया और इसी वजह से उन्होंने अपनी जान देने का कदम उठाया। पार्टी ने पंजाब की AAP सरकार पर ड्रग्स के मुद्दे को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में कांग्रेस के आरोप और आम आदमी पार्टी की ओर से दिए गए जवाब आमने-सामने हैं। पवन खेड़ा के ताजा बयान के बाद विवाद अब गुलजार सिंह की मौत से आगे बढ़कर पंजाब में ड्रग्स की समस्या और सरकार की ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ मुहिम के दावों पर भी केंद्रित हो गया है।