‘जय श्रीराम बोलिए और पेट्रोल 10 रुपये सस्ता हो जाएगा’,संजय राउत का BJP पर तीखा वार, ईंधन कीमतों पर बढ़ा सियासी ताप

देश में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शिवसेना (UBT) के नेता और सांसद संजय राउत ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर बेहद कटाक्षपूर्ण टिप्पणी करते हुए विवाद खड़ा कर दिया है। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान राउत ने ईंधन महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और तंज भरे अंदाज में अपनी बात रखी।

संजय राउत का तंज: “जय श्रीराम बोलिए और दाम कम हो जाएंगे”

पत्रकारों से बातचीत में संजय राउत ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इसमें नया क्या है? यह तो होना ही था।” उन्होंने आगे व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर कोई बीजेपी समर्थक है तो बस ‘जय श्रीराम’ बोल दे और उसके बाद पेट्रोल-डीजल 10 रुपये तक सस्ता हो सकता है। उनके अनुसार, “बीजेपी का यही तरीका है—नारा लगाइए और काम हो जाएगा।”

बीजेपी समर्थकों पर भी साधा निशाना


अपने बयान को आगे बढ़ाते हुए संजय राउत ने बीजेपी को वोट देने वाले मतदाताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पार्टी को समर्थन दिया है, उन्हें अब मौजूदा हालात को स्वीकार कर शांति से बैठना चाहिए और महंगाई का सामना करना चाहिए। राउत के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
ईंधन की कीमतों में फिर बढ़ोतरी, आम जनता पर असर

यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। औसतन 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी देखी गई है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर 98.64 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि डीजल 91 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इससे कुछ ही दिन पहले भी केंद्र सरकार द्वारा ईंधन कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे पहले ही लोगों पर दबाव बढ़ चुका था।

अंतरराष्ट्रीय कारणों से बढ़ी कीमतें, सरकार का दावा अलग

ईंधन कीमतों में इस उछाल के पीछे वैश्विक कारणों को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर बाधाओं के चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं। वहीं सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा भंडार पर्याप्त हैं और स्थिति नियंत्रण में है। इसके बावजूद घरेलू बाजार में बढ़ती कीमतों ने विपक्ष को सरकार पर हमलावर होने का मौका दे दिया है।

विपक्ष का हमला तेज, राजनीतिक बयानबाजी जारी

संजय राउत के अलावा कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता की जेब पर भारी असर पड़ रहा है, जबकि सरकार राहत देने में नाकाम रही है। वहीं सत्ता पक्ष की ओर से इन आरोपों का जवाब भी दिया जा रहा है, जिससे राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।