पश्चिम बंगाल के अरामबाग में बड़ा सड़क हादसा, बस खाई में गिरी; दो महिलाओं की मौत, 30 यात्री घायल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के अरामबाग इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यात्रियों से भरी एक बस अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और पलटते हुए सड़क किनारे स्थित खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में दो महिला यात्रियों की मौत हो गई, जबकि लगभग 30 लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में उपचार जारी है।

अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू करने में स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, मौके पर एंबुलेंस के पहुंचने में हुई देरी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद पुलिस बल को मौके पर पहुंचकर हालात संभालने पड़े।

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह बस करीब 50 यात्रियों को लेकर पूर्व बर्दवान जिले के बर्दवान शहर से हुगली जिले स्थित प्रसिद्ध तारकेश्वर मंदिर की ओर जा रही थी। यात्रा के दौरान जब बस अरामबाग के आदमबांध क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। नियंत्रण बिगड़ते ही बस सड़क पर पलट गई और फिर खाई में जा गिरी। हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

दुर्घटना के समय हुई तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और स्थानीय निवासी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। लोगों ने बिना समय गंवाए बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। कई घायल यात्रियों को स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य को तेज किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 65 वर्षीय लक्ष्मी मुर्मू और 35 वर्षीय शर्मिला सोरेन के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं पूर्व बर्दवान जिले के धादन इलाके की निवासी थीं। जानकारी के अनुसार, वे तारकेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए जा रही थीं, लेकिन रास्ते में यह दुखद हादसा हो गया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

हादसे में घायल हुए यात्रियों को तत्काल बचाव दल और स्थानीय लोगों की मदद से अरामबाग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, कई यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल मरीजों का इलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है। डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क की जर्जर और खराब स्थिति को लेकर प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लोगों का आरोप है कि सड़क की खराब हालत भी इस हादसे का एक प्रमुख कारण हो सकती है। इसके अलावा, एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने को लेकर भी लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। कुछ समय पहले जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर उत्तर बंगाल राज्य परिवहन निगम की एक यात्री बस सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर से टकरा गई थी। उस भीषण हादसे में चार लोगों की जान चली गई थी, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने राज्य में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।