एक ही मंच पर पवार परिवार की दिखी राजनीतिक ताकत, अजित पवार-सुप्रिया सुले ने किया NCP का घोषणापत्र जारी

साल 2023 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विभाजन के बाद यह पहला मौका रहा, जब पवार परिवार की सियासी ताकत एक ही मंच पर नजर आई। महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों से पहले पुणे में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले साथ दिखाई दिए। इस दौरान अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) ने पुणे नगर निगम चुनाव के लिए संयुक्त रूप से अपना घोषणापत्र जारी किया।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखी एकजुटता

घोषणापत्र जारी करने के लिए आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार और सुप्रिया सुले ने मंच साझा किया। इस अवसर पर एनसीपी (एसपी) के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे, जो अब तक चुनावी अभियान में ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आ रहे थे। दोनों दलों की यह साझा मौजूदगी राजनीतिक हलकों में खास चर्चा का विषय बन गई है।

नागरिक मुद्दों पर केंद्रित चुनावी दस्तावेज

घोषणापत्र जारी करते हुए अजित पवार ने कहा कि यह दस्तावेज पूरी तरह से पुणे के नागरिकों से जुड़े बुनियादी और अहम मुद्दों पर केंद्रित है। इसमें नल से नियमित पानी की आपूर्ति, ट्रैफिक जाम से निजात, गड्ढामुक्त सड़कें, बेहतर सफाई व्यवस्था, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं, प्रदूषण नियंत्रण और झुग्गी पुनर्वास जैसे वादे शामिल किए गए हैं। उनका कहना था कि शहर के समग्र विकास के लिए इन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

नगरपालिका चुनाव में साझा रणनीति

गौरतलब है कि एनसीपी, जो फिलहाल सत्तारूढ़ महायुति का हिस्सा है, और एनसीपी (एसपी), जो विपक्षी महा विकास अघाड़ी का घटक दल है, दोनों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनावों के लिए साथ आने का फैसला किया है। ये चुनाव 15 जनवरी को होने हैं। राजनीतिक रूप से अलग-अलग खेमों में होने के बावजूद स्थानीय निकाय स्तर पर यह गठजोड़ कई समीकरण बदल सकता है।

भाजपा पर तीखा हमला

राज्य और केंद्र में भाजपा के साथ सत्ता साझा करने के बावजूद अजित पवार ने स्थानीय भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों स्तरों पर पर्याप्त फंड मिलने के बावजूद पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ का विकास अपेक्षित गति से नहीं हो पाया। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 से 2022 तक दोनों नगर निकायों में भाजपा की सत्ता रही, लेकिन शहर की कई बुनियादी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं।

घोषणापत्र के प्रमुख वादे

एनसीपी और एनसीपी (एसपी) के संयुक्त घोषणापत्र में शहर भर में मौजूद 33 गायब रोड लिंक को दुरुस्त करने, ट्रैफिक का दबाव कम करने, प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने और कुल मिलाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने का वादा किया गया है। इसके अलावा बसों और मेट्रो में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है। गठबंधन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि हर दो किलोमीटर के दायरे में अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकें।

पर्यावरण संरक्षण पर खास जोर

संयुक्त घोषणापत्र में पर्यावरण संरक्षण पर भी खास जोर दिया गया है। जिन हाउसिंग सोसायटियों द्वारा इको-फ्रेंडली उपाय अपनाए जाएंगे, उन्हें 20 प्रतिशत प्रॉपर्टी टैक्स में छूट देने और ‘ग्रीन सोसायटी’ सर्टिफिकेट से सम्मानित करने का वादा किया गया है। इन घोषणाओं के जरिए दोनों दलों ने शहरी विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन का संदेश देने की कोशिश की है।