मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच के बाद आई विसरा रिपोर्ट में तरबूज के नमूनों में जिंक फॉस्फाइड नामक जहरीले तत्व की मौजूदगी पाई गई है। जिंक फॉस्फाइड आमतौर पर चूहा मारने की दवा तैयार करने में इस्तेमाल किया जाता है। इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। हालांकि यह जहरीला पदार्थ तरबूज तक कैसे पहुंचा, फिलहाल इसकी जांच पुलिस और संबंधित एजेंसियां कर रही हैं।
रिपोर्ट के सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच और तेज कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह कोई हादसा था, खाद्य पदार्थ में लापरवाही थी या फिर इसके पीछे कोई अन्य वजह मौजूद है।
क्या होती है विसरा जांच?किसी संदिग्ध मौत के मामले में मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विसरा जांच की जाती है। इसमें मृतक के शरीर, खासकर पेट और आंतों से सैंपल लेकर लैब में परीक्षण किया जाता है। इस जांच से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि शरीर में किसी जहरीले पदार्थ या रासायनिक तत्व की मौजूदगी थी या नहीं।
इस मामले में जिन लोगों ने तरबूज खाया था, उनकी विसरा जांच में जिंक फॉस्फाइड मिलने की पुष्टि हुई है। खास बात यह है कि इससे पहले फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की शुरुआती जांच में भोजन में किसी खतरनाक पदार्थ के संकेत नहीं मिले थे। अब नई रिपोर्ट आने के बाद जांच का फोकस तरबूज और उसके स्रोत पर केंद्रित हो गया है।
26 अप्रैल को सामने आया था मामलायह दर्दनाक घटना 26 अप्रैल को सामने आई थी। परिवार के मुखिया 40 वर्षीय अब्दुल्ला डोकाडिया को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उन्होंने डॉक्टरों को बताया था कि परिवार ने रात में पहले बिरयानी खाई थी और उसके बाद तरबूज खाया था।
उनके साथ पत्नी नसरीन डोकाडिया (35), बेटी आयशा (16) और छोटी बेटी जैनब (13) ने भी वही खाना खाया था। कुछ ही घंटों बाद चारों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। उल्टी, दस्त और बेचैनी जैसी समस्याएं सामने आने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब विसरा रिपोर्ट आने के बाद पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
घटना की टाइमलाइन भी आई सामनेजांच में सामने आया है कि 25 अप्रैल की रात परिवार ने कुछ रिश्तेदारों के साथ भोजन किया था। जानकारी के मुताबिक, कुल चार पारिवारिक सदस्य और पांच अन्य रिश्तेदार रात करीब 10:30 बजे एक साथ खाना खाकर अलग-अलग अपने घर लौट गए थे।
रात करीब 1 बजे से 1:30 बजे के बीच परिवार के चारों सदस्यों ने तरबूज खाया। इसके कुछ घंटों बाद रविवार सुबह करीब 5:30 से 6 बजे के बीच सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें लगातार उल्टी और लूज मोशन की शिकायत होने लगी।
परिजन पहले उन्हें फैमिली डॉक्टर के पास लेकर गए, जहां से हालत गंभीर देखते हुए सभी को मुंबई के जे.जे. अस्पताल रेफर कर दिया गया।
इलाज के दौरान एक-एक कर गई जानअस्पताल में भर्ती होने के बाद सबसे पहले छोटी बेटी जैनब की मौत हुई। डॉक्टरों के मुताबिक सुबह करीब 10:15 बजे उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार के बाकी सदस्यों की हालत भी लगातार बिगड़ती चली गई।
दिनभर इलाज चलने के बावजूद पत्नी नसरीन और बड़ी बेटी आयशा को भी नहीं बचाया जा सका। आखिर में रविवार रात करीब 10:30 बजे परिवार के मुखिया अब्दुल्ला डोकाडिया की भी मौत हो गई।
अब विसरा रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर तरबूज में जिंक फॉस्फाइड कैसे मिला। मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है।