MPSC विवाद के बीच अभिजीत दीपके ने किसके इस्तीफे की कर दी मांग? बढ़ा सियासी दबाव

महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा को लेकर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आयोग के चेयरमैन भीमन्वार के इस्तीफे की मांग की है। दीपके ने कहा कि MPSC के अभ्यर्थी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं और कथित पेपर लीक की घटनाओं के कारण वे काफी परेशान हैं। उन्होंने आयोग के अध्यक्ष से पद छोड़ने की मांग को लेकर सवाल भी उठाए हैं।

अभिजीत दीपके ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि MPSC छात्रों की मुख्य मांग आयोग के चेयरमैन भीमन्वार का इस्तीफा है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़ी यह पहली घटना नहीं है और ऐसी घटनाओं के चलते छात्रों का परीक्षा प्रणाली से भरोसा उठने की स्थिति बन गई है।

चेयरमैन के बयान पर उठाया सवाल

दीपके ने MPSC चेयरमैन के उस पक्ष को लेकर भी सवाल उठाया, जिसमें कथित तौर पर यह कहा जा रहा है कि पेपर लीक उनके कार्यकाल के दौरान नहीं हुआ। दीपके ने सवाल किया कि यदि पेपर लीक उनके कार्यकाल में नहीं हुआ, तो उनके कार्यकाल में वह परीक्षा आयोजित कैसे हुई।

उनका कहना था कि इस पूरे मामले में आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठता है। उन्होंने MPSC अभ्यर्थियों की मांग का समर्थन करते हुए चेयरमैन भीमन्वार को हटाने की मांग दोहराई।

दीपके ने इस मुद्दे से संबंधित एक वीडियो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने आयोग के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग से जुड़ा अपना पक्ष रखा।

बेरोजगार युवाओं का भी उठाया मुद्दा


अभिजीत दीपके ने बेरोजगारी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में 15 से 20 लाख युवाओं का बेरोजगार होना उचित स्थिति नहीं है। MPSC की तैयारी करने वाले युवाओं के विरोध प्रदर्शन को इसी व्यापक बेरोजगारी के मुद्दे से जोड़ते हुए उन्होंने सरकार से उनकी समस्याओं पर ध्यान देने की बात कही।

दीपके के मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आने वाली कथित अनियमितताओं से युवाओं में परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों के लिए इन परीक्षाओं पर निर्भर रहते हैं।

महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

MPSC विवाद के अलावा दीपके ने महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने निजी स्कूलों की भारी फीस का मुद्दा उठाते हुए कहा कि फीस को नियंत्रित किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ होनी चाहिए और इसे केवल व्यावसायिक उद्देश्य के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी बेरोजगारी और MPSC अभ्यर्थियों के मुद्दे को लेकर निशाना साधा। दीपके ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री फडणवीस MPSC अभ्यर्थियों की बात नहीं सुनते हैं, तो उनके लिए वापसी करना भी मुश्किल होगा। उन्होंने सरकार से जनता की बात सुनने की मांग की।
ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा को लेकर विरोध

महाराष्ट्र में MPSC ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में कथित तौर पर पेपर लीक होने की खबरों के बाद युवा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी विरोध के बीच अभिजीत दीपके ने आयोग के चेयरमैन के इस्तीफे की मांग उठाई है।

दीपके ने अपने बयान में यह भी कहा कि छात्रों का असंतोष केवल मौजूदा घटना तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, पहले भी पेपर लीक से जुड़ी घटनाएं सामने आने के कारण अभ्यर्थियों में परीक्षा प्रणाली को लेकर अविश्वास पैदा हुआ है।

फिलहाल, उपलब्ध संदर्भ सामग्री में MPSC चेयरमैन भीमन्वार या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से अभिजीत दीपके की इन मांगों और आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है। इसलिए उनके पक्ष में कोई अतिरिक्त प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में शामिल नहीं की गई है।