तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संभावित कांग्रेस विलय को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब एक नई राजनीतिक बहस ने जोर पकड़ लिया है। हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज अफवाह बताया था। हालांकि इसके बावजूद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता शरद पवार भी कांग्रेस के साथ विलय पर विचार कर सकते हैं। अभी तक इस मुद्दे पर न तो पवार खेमे की ओर से कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही किसी तरह की पुष्टि की गई है। खास बात यह है कि TMC और NCP दोनों ही कभी कांग्रेस से अलग होकर बनी पार्टियां रही हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति से उठी नई चर्चाओं की लहरमहाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले के हालिया बयान ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दलों के कांग्रेस के साथ पुनः जुड़ने की प्रक्रिया पहले ही प्रारंभ हो चुकी है। हालांकि, इस पूरे दावे को लेकर किसी भी दल ने औपचारिक रूप से पुष्टि नहीं की है। इससे पहले दिल्ली में ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि TMC एक बार फिर कांग्रेस के करीब आ सकती है।
नाना पटोले का बयान और राजनीतिक संकेतनाना पटोले ने अपने बयान में कहा कि देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए कई दल यह महसूस कर रहे हैं कि कांग्रेस के साथ मिलकर ही एक मजबूत विपक्ष खड़ा किया जा सकता है। उन्होंने कहा, “पहले NCP ने भी इस दिशा में संकेत दिए थे। आज देश में संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक ढांचे को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं, उनके समाधान के लिए एकजुट विपक्ष जरूरी है।”
पटोले ने आगे कहा कि अब कई क्षेत्रीय और ‘सेक्युलर’ विचारधारा वाली पार्टियां यह समझने लगी हैं कि भाजपा के खिलाफ मजबूत विकल्प केवल कांग्रेस के साथ मिलकर ही बनाया जा सकता है, और इसी दिशा में चर्चाएं आगे बढ़ रही हैं।
संजय राउत की शरद पवार से अपीलइसी बीच शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सुझाव दिया कि शरद पवार को आगे बढ़कर उन छोटी पार्टियों के कांग्रेस में विलय की पहल करनी चाहिए, जो कभी इस पार्टी से अलग होकर बनी थीं। राउत के अनुसार कई नेता आज भी कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं और उसी सोच को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, “यदि विपक्षी विचारधारा एकजुट होती है तो यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक मजबूत चुनौती बन सकती है। इसलिए शरद पवार को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।”
राउत ने एक दिन पहले भी यह सुझाव दिया था कि TMC और NCP (शरद पवार गुट) जैसी पार्टियों को, जो कांग्रेस से अलग होकर अस्तित्व में आई थीं, उन्हें फिर से कांग्रेस के साथ जोड़ने पर विचार करना चाहिए ताकि भाजपा के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक विकल्प तैयार हो सके।
TMC विलय की अटकलों पर कांग्रेस का स्पष्ट जवाबदूसरी ओर कांग्रेस ने इन सभी दावों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि TMC के कांग्रेस में विलय की खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की किसी भी चर्चा का कोई आधिकारिक आधार नहीं है।
वेणुगोपाल ने यह भी बताया कि पार्टी के संचार प्रमुख जयराम रमेश पहले ही इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की कांग्रेस नेतृत्व से बातचीत केवल INDIA गठबंधन को मजबूत करने से जुड़ी नियमित राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा है, न कि किसी विलय की प्रक्रिया का संकेत।