महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने अब मध्य प्रदेश में संगठन विस्तार पर जोर देना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में खंडवा में चलाए जा रहे सदस्यता अभियान के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बयान पर जोरदार पलटवार किया और तीखे शब्दों में अपनी बात रखी।
“भारत में नहीं लड़ेंगे तो क्या पाकिस्तान जाएंगे?”मोहसिन अली ने एकनाथ शिंदे के उस बयान को आड़े हाथों लिया, जिसमें उन्होंने AIMIM के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को देश के लिए खतरा बताया था। AIMIM के मध्य प्रदेश प्रभारी ने कहा, “अगर हमारे नौजवान हिंदुस्तान में चुनाव नहीं लड़ेंगे, तो क्या पाकिस्तान जाकर किस्मत आजमाएंगे? अगर यहां नहीं जीतेंगे, तो क्या बांग्लादेश में जीतेंगे? या फिर चीन और अफगानिस्तान जाकर चुनाव लड़ेंगे?” उनके इस बयान से सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
“शिंदे समय-समय पर सियासी रिश्ते बदलते रहे हैं”यहीं पर मोहसिन अली ने एकनाथ शिंदे पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “एकनाथ शिंदे ऐसे नेता हैं, जिनके राजनीतिक आदर्श वक्त के साथ बदलते रहे हैं। कभी बालासाहेब ठाकरे उनके लिए सर्वोपरि थे और तब वे कांग्रेस के घोर विरोधी हुआ करते थे। उसी दौर में बाबरी मस्जिद गिराने जैसे नारे भी दिए गए।”
उन्होंने आगे कहा कि जब राजनीतिक समीकरण बदले और सत्ता की जरूरत पड़ी, तो शिंदे ने उसी कांग्रेस का साथ पकड़ लिया और उसके साथ मिलकर सरकार बना ली। “आज जब वहां भी बात नहीं बनी, तो उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और उसी के साथ सत्ता में हिस्सेदारी कर ली,” मोहसिन अली ने कहा।
“हर नागरिक इसी देश में लड़ेगा और यहीं जीतेगा”AIMIM नेता ने एकनाथ शिंदे की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के बयान किसी भी तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं साफ कहना चाहता हूं कि भारत का हर नागरिक इसी देश में अपने अधिकारों के लिए लड़ेगा और यहीं अपनी जीत दर्ज करेगा। हिंदुस्तान किसी एक विचारधारा की बपौती नहीं है।”
महाराष्ट्र में AIMIM को मिली चुनावी कामयाबी के बाद पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की रणनीति अब मध्य प्रदेश पर केंद्रित होती नजर आ रही है। खंडवा जैसे इलाकों में सदस्यता अभियान चलाकर AIMIM यह संकेत दे रही है कि वह राज्य की राजनीति में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने और प्रभावी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।