इंदौर के द्वारिकापुरी इलाके में हुई एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपी पीयूष धामनोतिया ने पुलिस पूछताछ के दौरान जो बातें बताईं, वे बेहद विचलित करने वाली हैं। मंगलवार दोपहर पुलिस टीम उसे वारदात स्थल पर लेकर पहुंची, जहां घटनाक्रम को दोहराते हुए उसने एक-एक पल का ब्यौरा दिया। किचन की ओर इशारा करते हुए उसने बताया कि उसने पहले छात्रा के लिए मैगी बनाई और उसे खिलाया। इसके बाद उसने उसे निर्वस्त्र कर हाथ-पैर बांध दिए और फिर उसकी हत्या कर दी।
पर्स में मिला खुद का लिखा इकरारनामाजांच के दौरान पुलिस को आरोपी के पर्स से एक चिट्ठी भी मिली है, जिसे वह अपने पास छिपाकर रखे था। उस पत्र में उसने लिखा था— “मैंने उसकी हत्या कर दी है, मुझे फांसी दे दो।” पुलिस इस लिखित कबूलनामे को महत्वपूर्ण साक्ष्य मानते हुए फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह पत्र मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।
द्वारिकापुरी थाना प्रभारी मनीष मिश्रा के अनुसार, पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने के लिए आरोपी से नाट्य रूपांतरण (री-एनैक्टमेंट) कराया गया। उसे अंकल गली स्थित किराए के कमरे में ले जाया गया, जहां वह लगभग 40 मिनट तक मौजूद रहा और हत्या से पहले और बाद की घटनाओं की जानकारी दी। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वारदात को अंजाम देने के बाद उसने वह पत्र लिखा था।
चैटिंग एप से शुरू हुआ विवादप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच किसी चैटिंग एप को लेकर कहासुनी हुई थी, जो धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गई। इसी तनाव के चलते घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े, मोबाइल फोन, कमरे की चाबी और वह पत्र जब्त कर लिया है। बुधवार को उसे दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां से आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
परिवार ने किया किनाराइस जघन्य वारदात के बाद आरोपी के परिजनों ने भी उससे संबंध तोड़ने का फैसला कर लिया है। पुलिस के अनुसार जब उसके पिता को घटना की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा, “वह हमारे लिए मर चुका है।” परिवार का कहना है कि पीयूष को एमबीए की पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा गया था, लेकिन वह नशे की आदतों में फंस गया था। उसने परिवार से शादी की इच्छा जताई थी, जिस पर पिता ने असहमति जताई थी।
हवालात में असामान्य हरकतेंपुलिस सूत्र बताते हैं कि हिरासत में आरोपी का व्यवहार सामान्य नहीं है। कभी वह फूट-फूटकर रोने लगता है तो कभी बिना वजह हंसने लगता है। रात में खुद भी नहीं सोता और अन्य बंदियों को भी जगाकर बहस करने लगता है। उसकी मानसिक स्थिति को लेकर भी जांच एजेंसियां सतर्क हैं।
फिलहाल पुलिस सबूतों को पुख्ता करने में जुटी है ताकि अदालत में मजबूत केस पेश किया जा सके। इस दिल दहला देने वाली घटना ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। छात्रा की हत्या से लोगों में गहरा आक्रोश है और सभी दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।