रांची में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन सोमवार को 24वें दिन में पहुंच गया। इसी बीच सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच एक बार फिर बातचीत होने जा रही है। दोपहर 2 बजे मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार की ओर से गठित चार मंत्रियों का समूह जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगा।
इस वार्ता में छात्रों को अपने विधिक सलाहकारों के साथ शामिल होने का विकल्प भी दिया गया है। कई दौर की बातचीत के बावजूद छात्रों की दो प्रमुख मांगों पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। ऐसे में सोमवार की बैठक को लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को दूर करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
दो प्रमुख मांगों पर कायम हैं आंदोलनकारीआंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांग वर्ष 2024 में हुई जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करना और जेपीएससी-जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराना है। छात्रों का कहना है कि मौजूदा जांच प्रक्रिया से उनका भरोसा बहाल नहीं हुआ है।
सरकार की ओर से रविवार को छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव दिया गया था। अनुमंडल पदाधिकारी और एडीएम, लॉ एंड ऑर्डर ने आंदोलनकारियों को प्रस्तावित बैठक की जानकारी दी। सरकार ने छात्रों के कानूनी सलाहकारों को भी वार्ता में शामिल करने की सहमति जताई है।
परीक्षा रद्द करने पर सरकार का अलग रुखजेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर सरकार का कहना है कि इसके जरिए दो हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं। ऐसे में इस चरण में पूरी परीक्षा रद्द करना व्यावहारिक रूप से मुश्किल है। सरकार का यह भी कहना रहा है कि परीक्षा से संबंधित शिकायतों की पहले जांच हो चुकी है और मामला न्यायिक प्रक्रिया से भी गुजर चुका है।
वर्तमान में मामले की जांच राज्य की सीआईडी कर रही है। हालांकि, आंदोलनकारी छात्र सीआईडी की जांच से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रहे हैं।
सीबीआई जांच के बदले सरकार ने दिया समिति का प्रस्तावसीबीआई जांच की मांग के जवाब में सरकार की ओर से सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने का विकल्प भी सामने आया है। लेकिन छात्र संगठन इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।
वहीं, पिछली बैठकों में परीक्षा सुधार से जुड़ी कई अन्य मांगों पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनने की बात सामने आई है। सरकार 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की घोषणा भी कर चुकी है।
वार्ता से पहले छात्रों ने निकाला विरोध मार्चसरकार के साथ बातचीत से एक दिन पहले रविवार शाम आंदोलनकारी छात्रों ने रांची में विरोध मार्च निकाला। यह मार्च जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा। यहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बिहार के राजद नेता तेजस्वी यादव के पुतले फूंके।
इस दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को दोहराया। आंदोलनकारी मंच ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने का भी ऐलान किया है।
बातचीत सफल नहीं हुई तो बढ़ सकता है आंदोलनजेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच का कहना है कि यदि उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचेंगे। आंदोलन के दौरान छात्रों ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
अब सोमवार की वार्ता में मुख्य मुद्दा भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी छात्रों की मांगों पर ही केंद्रित रहने की संभावना है। करीब साढ़े तीन सप्ताह से जारी आंदोलन के बीच यदि दोनों पक्ष किसी साझा समाधान तक पहुंचते हैं, तो आंदोलन को विराम देने का रास्ता खुल सकता है। वहीं, बातचीत बेनतीजा रहने पर 20 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव के साथ आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई गई है।