'पिता शिबू सोरेन भारत रत्न थे और सदैव रहेंगे', पद्मभूषण सम्मान पर बोले झारखंड CM हेमंत सोरेन

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दिवंगत पिता और वरिष्ठ आदिवासी नेता शिबू सोरेन को पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा पर रविवार (25 जनवरी) को केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। वहीं, राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शिबू सोरेन के लिए भारत रत्न की मांग को फिर से जोर देकर उठाया।

शिबू सोरेन का नाम उन 13 हस्तियों में शामिल है जिन्हें इस वर्ष देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान – पद्म भूषण के लिए चुना गया। इस घोषणा के बाद झारखंड की राजनीति में प्रतिक्रियाओं की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसे झारखंड और आदिवासी समाज के लिए गर्व की बात बताया।

केंद्र सरकार के प्रति आभार

हेमंत सोरेन ने कहा, “हम सबके प्रिय और आदरणीय बाबा स्व दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा के लिए, झारखंड की जनता की ओर से मैं केंद्र सरकार का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

उन्होंने आगे कहा, “उनका जीवन सिर्फ राजनीतिक सीमाओं तक सीमित नहीं था। उनका सम्पूर्ण जीवन समता, समावेशी विकास, सामाजिक न्याय, आदिवासी अस्मिता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष का साक्षी है।

झारखंड आंदोलन का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा, “यही संघर्ष दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अलग राज्य दिलाने में निर्णायक रहा।

उन्होंने यह भी जोड़ा, “झारखंड की जनता के दिलों में, और देश के आदिवासी समाज में लद्दाख से केरल और राजस्थान से असम तक, शिबू सोरेन जी भारत मां के सच्चे सपूत हैं – भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।

झामुमो की भारत रत्न की मांग

झामुमो ने एक बयान जारी कर कहा कि शिबू सोरेन को केवल पद्म भूषण से नहीं बल्कि भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि यह मांग भविष्य में भी निरंतर उठाई जाएगी। झामुमो सांसद महुआ माजी ने कहा कि वह पद्म भूषण के लिए केंद्र सरकार की आभारी हैं, लेकिन उनके अनुसार शिबू सोरेन भारत रत्न के सच्चे अधिकारी हैं।